18-Sep-2019

 राजकाज न्यूज़ अब आपके मोबाइल फोन पर भी.    डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करें

एम पी में खत डिप्‍लोमेसी: कमलनाथ ने कहा 73 दिन में 85 वादे पूरे किये

Previous
Next

भोपाल, मध्‍यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को कमजोर और कम समय में ही अल्‍पमत की सरकार करार देने के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं बी जे पी महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दावें के बाद प्रदेश की सरकार को लेकर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। साथ ही भार्गव के खत के जवाब में मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने विस्‍तार  से जवाब दिये हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को पत्र लिखकर बताया है कि आचार संहिता लगने से पहले 73 दिन में वे 85 वचन पूरे कर चुके हैं। हांलाकि इस पत्र के जवाब में भार्गव ने फि‍र से कमलनाथ को पत्र लिखकर मीडिया के लिए जारी कर दिया है। इसके बाद एक बार फिर भार्गव ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि मेरे पत्र को राजनीतिक नजरिए से मत देखिए।

कमलनाथ ने खत का जवाब दिया खत से

भार्गव ने बिना तथ्‍यों एवं अनुमान से राज्‍यपाल को खत लिखा- कमलनाथ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बिना किसी तथ्यों की जानकारी के मात्र अनुमान और कल्पना के आधार पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखा है। साथ ही कमलनाथ ने हर मुद्दे पर गोपाल भार्गव के सवालों का जवाब भी दिया है। कमलनाथ ने यह भी कहा है कि आपके मन में प्रश्न हों तो उसका समाधान करने में मुझे खुशी होगी। खत में कमलनाथ ने कहा कि आपने तथ्यों की जानकारी के बिना, अनुमान और कल्पना के आधार पर राज्यपाल को पत्र लिखा है। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के अनुरोध पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकसभा चुनाव की व्यस्तताओं के कारण आप नागरिकों से जुड़ी सेवाओं, उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे पाए होंगे। आपकी अनभिज्ञता को देखते हुए वे 17 दिसंबर 2018 के बाद कांग्रेस सरकार के जनकल्याण के विषयों के कामों के बारे में वस्तुस्थिति बता रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि हमारी सरकार ने 73 दिन के दौरान आपकी सरकार द्वारा छोड़े गए खाली खजाने के बावजूद सबसे महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 21 लाख से अधिक किसानों के फसल ऋण माफ किए हैं। गेहूं और चने के उपार्जन व भुगतान के संबंध में आपके द्वारा भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। सरकार ने 11.06 लाख किसानों से 68 लाख टन से ज्यादा गेहूं, चना, मसूर व सरसों का उपार्जन किया है। किसानों के खातों में सात दिन के भीतर भुगतान की राशि भी पहुंच रही है।

नाथ के तीन पेज के पत्र में संबल और अन्य योजनाओं के बारे में बताया गया है कि उनका निरंतर लाभ लोगों को मिल रहा है। एक अप्रैल 2018 से 30 दिसंबर 2018 तक 31 हजार 991 प्रकरणों में 349.68 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। वहीं एक जनवरी 2019 से 30 अप्रैल 2019 तक 46 हजार 509 प्रकरणों में 463.06 करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष भार्गव को बताया है कि इस योजना का लाभ गृह क्षेत्र की नगर पंचायत गढ़ाकोटा व जनपद रहली में भी हितग्राहियों को मिला है। पेयजल तथा कानून व्यवस्था की स्थिति पर उठाए गए सवाल का भी पत्र में जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए हर संभव नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परिवहन के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई गई है। पेयजल संकट की स्थित पर कहा कि इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण यह स्थिति बनी है, लेकिन इसके लिए उन्होंने 15 साल में कारगर योजनाएं नहीं बनाए जाने को कारण बताया है।

कमलनाथ ने अपने उत्तर में भार्गव के हर उस मुद्दे पर उत्तर दिया है, जिसका भार्गव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है। किसान ऋण माफी योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले प्रदेश के 21 लाख से अधिक किसानों के फसल ऋण माफ कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा है, 'सत्ता में आने के बाद हमें 73 दिन काम के लिए मिले, इसमें हमनें कर्ज माफी सहित लोगों से किए गए अपने घोषणा पत्र के 85 वचनों को पूरा किया है। इसके अलावा प्रदेश के 11.06 लाख किसानों की 68 लाख टन फसल की खरीदकर उसका भुगतान सात दिन के अंदर किया गया है और संबल और अन्य योजनाएं पहले की तरह ही चल रही हैं।'

राज्यपाल को लिखे भार्गव के पत्र जिसकी प्रति उन्होंने कमलनाथ को भी भेजी थी, के उत्तर में मुख्यमंत्री ने भार्गव को पत्र लिखकर कहा, ‘स्पष्ट है कि आपने बिना किसी तथ्यों की जानकारी के मात्र अनुमान और कल्पना के आधार पर माननीय राज्यपाल महोदया को पत्र लिखा है। हम जनहित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए सदैव तैयार हैं। यदि शासन से जुड़ी हुई कोई भी शंका या प्रश्न आपके मन में हो तो उसका समाधान करने में मुझे खुशी होगी।

पिछली सरकार पर हमलावर हुए कमलनाथ
प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए कमलनाथ ने कहा, 'यह पूरी तरह से नियंत्रण में है और यही कारण है कि पिछले चुनावों की तुलना में लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुए। हमने अपराध की घटनाओं पर भी तेजी से कार्रवाई की है।’ प्रदेश में पेयजल के संकट के मुद्दे पर कमलनाथ ने कहा कि यह कम बारिश होने के कारण कारण था और प्रदेश में 15 सालों में बीजेपी शासनकाल में यह और बढ़ा क्योंकि पिछली सरकार ने इसको हल करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इससे पहले दिन में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधानसभा में अपनी सरकार की ताकत साबित करने के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि यह पहले भी साबित कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगभग 10 विधायकों (कांग्रेस के) ने उन्हें बताया है कि उन्हें पद और पैसे का लालच दिया गया था।

भार्गव का जवाब- मेरे खत को राजनीतिक नजरिए से मत देखिए

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के पत्र का जवाब देते हुए उनसे अनुरोध किया है कि विधानसभा सत्र बुलाने के उनके राज्यपाल को लिखे पत्र को राजनीतिक नजरिए से न देखकर जन समस्याओं को उठाने एवं हल कराने के सार्थक दृष्टिकोण से देखें।

भार्गव ने अपने पत्र में लिखा कि जिन मुद्दों पर मैने विधानसभा सत्र बुलाए जाने की मांग की थी, उसके बारे में आपने सतही तरीके से जानकारी देकर विषयों की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया है। भार्गव ने कहा कि प्रदेश में समस्याएं इतनी विकराल हैं कि आप अपने दो पेज के माध्यम से इनका उत्तर नहीं दे सकते। चर्चा व्यापक हो, प्रश्न उत्तर, ध्यानाकर्षण, स्थगन के माध्यम से सभी पक्षों के विधायक चर्चा में भाग ले सकें, इसके लिए लोकतंत्र में विधानसभा ही एकमात्र उचित और सक्षम माध्यम है।

खबर में कुछ कंटेंट न भा टा एवं अन्‍य से साभार

Previous
Next

© 2015 Rajkaaj News, All Rights Reserved || Developed by Workholics Info Corp


Warning: Invalid argument supplied for foreach() in /srv/users/serverpilot/apps/rajkaaj/public/news/footer1.php on line 120
Total Visiter:0

Todays Visiter:0