17-Nov-2018

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GST के आने से क्या होगा मंहगा और सस्ता

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नई दिल्ली। पिछले करीब 10 सालों से अटका जीएसटी बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश हो गया है। आइए जरा समझने की कोशिश करते हैं कि इस बिल के पास हो जाने से आम आदमी की जेब पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

जीएसटी से फायदा क्या?

टैक्स एक्सपर्ट लोगों का कहना है कि जीएसटी के आने के बाद देश के टैक्स सिस्टम में एकरूपता आएगी। देश में एक ही समान खरीदने पर अलग-अलग तरह के शुल्क और कर लगते हैं। जैसे- किसी चीज के निर्माण पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी कर, वस्तु के आयात पर कस्टम ड्यूटी।

किसी चीज की बिक्री पर वैट टैक्स और उपभोक्ता द्वारा खपत पर सर्विस टैक्स। जीएसटी आने के बाद सभी टैक्स को हटकर सिर्फ जीएसटी लगेगा। जिससे लोगों पर टैक्स का भार कम पड़ेगा। टैक्स कम देना होगा तो ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स देंगे।

जीएसटी आने से घर खरीदना हो या फिर ऐसी कोई दूसरी लेनदेन करनी हो, जहां वैट और सर्विस टैक्स दोनों लगते हैं, ये सस्ता हो सकता है। जीएसटी आने से सभी राज्यों में कोई भी सामान एक दर पर मिलेगा। अभी एक ही चीज दो राज्यों में अलग-अलग दाम पर मिलती है, क्योंकि राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं।

जेब पर पड़ेगा ये प्रभाव

    लेन-देन पर वैट और सर्विस टैक्स नहीं: घर खरीदना हो या फिर ऐसी कोई दूसरा लेनदेन करनी हो, जहां वैट और सर्विस टैक्स दोनों लगते हैं, पहले से कम हो सकता है।
    रेस्तरां का बिल भी कम होगा: रेस्तरां का बिल इसलिए कम होगा, क्योंकि अभी वैट (हर राज्यों के अलग-अलग) और 6% सर्विस टैक्स (बिल के 40% हिस्से पर 15%) दोनों लगता है। जीएसटी के तहत सिर्फ एक टैक्स लगेगा।
    कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सस्ते : एयरकंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, फ्रिज, वाॅशिंग मशीन सस्ती हागी। अभी 12.5% एक्साइज और 14.5% वैट लगता है। जीएसटी के बाद 18% टैक्स लगेगा।
    माल ढुलाई :20% सस्ती होगी। फायदा आम लोगों से लेकर लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री तक को।
    इंडस्ट्री :सबसे फायदे में, क्योंकि जीएसटी के बाद उन्हें करीब 18 टैक्स नहीं भरने होंगे। टैक्स भरने की प्रॉसेस भी आसान होगी।

महंगी

    चाय-कॉफी : डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट 12% तक महंगे होंगे। चाय-कॉफी जैसे इन प्रोडक्ट्स पर अभी ड्यूटी नहीं लगती। अब 12% महंगे हो सकते हैं।
    सर्विसेस : मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल या फिर ऐसी अन्य सेवाएं सब महंगी होंगी। अभी सर्विसेस पर 15% टैक्स (14% सर्विस टैक्स, 0.5% स्वच्छ भारत सेस, 0.5% कृषि कल्याण सेस) लगता है। जीएसटी होने पर ये 18% हो सकता है।
    डिस्काउंट : अभी डिस्काउंट के बाद की कीमत पर टैक्स लगता है। जीएसटी में एमआरपी पर टैक्स लगेगा। कंपनी 10000 रुपए का सामान हमें 5000 रुपए में देती है तो अभी 600 रुपए टैक्स लगता है। पर जीएसटी के बाद 1200 रुपए टैक्स लगेगा।
    जेम्स एंड ज्वैलरी : जेम्स एंड ज्वैलरी महंगी हो सकती है। इस पर अभी 3% ड्यूटी लगती है। रेडिमेड गारमेंट भी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि अभी इन पर 4-5% का स्टेट वैट लगता है। जीएसटी में इन पर कम से कम 12% टैक्स लगेगा।

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