18-Dec-2018

 राजकाज न्यूज़ अब आपके मोबाइल फोन पर भी.    डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करें

विपक्ष की राजनैतिक अवसरवादिता पर जनता उसे माकूल सजा देगी- लुणावत

Previous
Next

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत ने कहा कि विमुद्रीकरण से कालेधन की अर्थव्यवस्था पर अपेक्षित रूप से सुधारात्मक प्रभाव पड़ा है, लेकिन विपक्ष जनता को हुई कठिनाईयों की आड़ में यदि वोटों की फसल काटने की मंशा से संसद को बाधित करता है तो जनता विपक्ष की राजनैतिक अवसरवादिता पर उसे माकूल सजा देगी।

उन्होंने कहा कि कालेधन की समस्या से पूर्ववर्ती सरकारें भी परिचित रही है, लेकिन निर्णायक पहल नहीं की जा सकी। श्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर 2016 में आय की स्वघोषणा का आव्हान किया जिसमें 66 हजार करोड़ रूपए आए थे। विपक्ष आज इस विमुद्रीकरण के विरोध में आसमान सिर पर उठा रहा है। दूसरे देशों में जनता बड़े नोटों की बंदी, विमुद्रीकरण से काली अर्थव्यवस्था को समाप्त करने के लिए सरकार से मांग करती है लेकिन भारत में गंगा को उल्टा बहाने का प्रयास करते हुए विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।

विजेश लुणावत ने कहा कि विमुद्रीकरण का नतीजा उत्साहवर्द्धक रहा है। इससे अर्थव्यवस्था का परिशोधन होगा। आयकर संशोधन विधेयक लाकर केन्द्र सरकार ने कालेधन को छूट नहीं नैसर्गिक न्याय का एक अवसर दिया है। इसमें गरीबों के कल्याण का उद्देश्य प्रमुख है। आयकर संशोधन लाकर आगाह कर दिया गया है कि जिनके पास भी कालाधन पाया जायेगा उनके खिलाफ अर्थदंड और कारावास की सजा हो सकेगी। जो 25 प्रतिशत राशि ब्लाक होगी उसे गरीब कल्याण कोष में रखने का प्रावधान संशोधन में शामिल है। इससे गरीबी उन्मूलन योजनाएं आरंभ की जायेगी।

आम आदमी विमुद्रीकरण के समर्थन में- ऊंटवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री मनोहर ऊंटवाल ने कहा कि विमुद्रीकरण के विरोध में विपक्ष की राजनैतिक महत्वाकांक्षाएं जोर मार रही है। संसद में एकजुटता और सदन के बाहर अपनी ढपली अपना राग अलाप रहे है। उन्होंने कहा कि देश की 95 प्रतिशत जनता ने नोटबंदी का स्वागत करते हुए कहा है कि विमुद्रीकरण ने गरीब और अमीर को एक कतार में खड़ा कर दिया है। इसके बहुआयामी और दीर्घगामी नतीजे गरीबी उन्मूलन में सहायता के रूप में मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण से कालाधनधारियों के हितों पर चोट पहंुची है और वे सुर में सुर मिला रहे है। दुनिया के अर्थशास्त्रियों ने जहां श्री नरेन्द्र मोदी की नोटबंदी मुहिम का स्वागत किया है। विपक्षी दल लकवाग्रस्त हो गए है। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पं. बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी तो अपना संयम खो चुकी है। जनता दल यू और बीजू जनता दल ने विरोध से किनारा कर लिया है और विमुद्रीकरण के समर्थन में झंडा उठाया है।

मनोहर ऊंटवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हड़बड़ी में भारत बंद का आव्हान कर दिया, लेकिन जनता ने साथ देने से इंकार कर दिया तो उन्हें आक्रोश रैली तक सिमटकर रह गयी। पं. बंगाल में वामपंथियों ने भारत बंद में सक्रियता दिखायी, लेकिन जनता ने विरोध समर्थन में भाग लेने से इंकार कर दिया। विमुद्रीकरण के विरोध को लेकर विपक्ष के पास न तो कोई रोडमैप है और न विपक्ष कोई विकल्प सुझाने में समर्थ रहा है। मायावती और मुलायम सिंह यादव ने भी विमुद्रीकरण को लेकर जनता को ढाल बनाकर राजनीति करने की जो चेष्टा की जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया, विफल बना दिया। अलबत्ता दिल्ली के मुख्यमंत्री अपनी अलग रोटियां सेंकते नजर आए और हमेशा की तरह सुर्खियों में बने रहने के लिए उलजुलूल आरोप लगाते नजर आए।

उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के विरोध या समर्थन की दृष्टि से 28 नवंबर भारत भारत बंद के विरोध का फैसला यदि जनता के मूड़ की दृष्टि देंखे तो उस दिन देश में यातायात रोज की दृष्टि से सामान्य रहा। सार्वजनिक स्थानों पर विमुद्रीकरण के समर्थन में जनता अपने कामकाज में लगी रही। न तो कहीं बाजार बंद रहे और न प्रतिष्ठानों में काम रूका। आम आदमी ने बता दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। व्यक्तिगत जीवन में सहूलियत और कठिनाई होती रहती है जो सहृय है।

 

Previous
Next

© 2015 Rajkaaj News, All Rights Reserved || Developed by Workholics Info Corp

Total Visiter:7071866

Todays Visiter:7329