20-Sep-2018

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सिने एवं टी.व्ही. जगत की हस्तियाँ भी अभीभूत हैं सिंहस्थ से

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"तारक मेहता का उल्टा चश्मा'' के निर्माता मोदी पहुँचे उज्जैन


सिंहस्‍थ के आकर्षण से सिनेमा एवं टीव्‍ही जगत की हस्तियाँ भी अछूती नहीं है। सिंहस्थ की अलौकिकता से रू-ब-रू होने हर दिन कोई न कोई सिने हस्ती पवित्र नगरी उज्जयिनी पहुँच रही है। सब टी.व्ही. के लोकप्रिय हास्य सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा'' के निर्माता असित मोदी आज उज्जैन में सिंहस्थ मेला पहुँचे और वहाँ के अलौकिक दृश्यों को देखकर अभीभूत हो गये। मोदी सिंहस्थ मेले की व्यवस्थाओं से भी खासे प्रभावित दिखे।

असित मोदी ने बताया कि कल वे जब मुम्बई से उज्जैन आने की सोच रहे थे तभी न्यूज चैनलों के जरिये पता चला कि सिंहस्थ मेला में आँधी और भारी बारिश से सब कुछ अस्‍त-व्यस्त हो गया है। यह सुनकर उन्होंने उज्जैन आने का इरादा बदल दिया। पर मोदी ने टेलीफोन से सिंहस्थ के हालात के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि वे बे-फिक्र होकर उज्जैन आएँ। मेला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को बहाल करवा दिया गया है। साथ ही अमृतमयी क्षिप्रा में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। श्री असित मोदी जानकारी से आश्वस्त होकर आज सुबह वायुमार्ग से इन्दौर होते हुये उज्जैन पहुँचे।

उज्जैन में मोदी ने रामघाट पर पवित्र क्षिप्रा में स्नान किया। इसके बाद प्रसिद्ध मंदिरों एवं अखाड़ों के दर्शन और साधु-संतों से भेंट कर आध्यात्मिक चर्चा की। मोदी दत्त अखाड़ा क्षेत्र में स्थित जनसंपर्क विभाग के मुख्य मीडिया सेंटर भी आए। मीडिया सेंटर में चर्चा के दौरान मोदी ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े महापर्व के आयोजन में भी इतनी अच्छी साफ-सफाई व्यवस्था को अंजाम दिया जा सकता है वो मुझे उज्जैन आकर पता चला। इसके लिये प्रदेश सरकार और सिंहस्थ मेला प्रशासन एवं प्रबंधन बधाई के पात्र हैं। उनका कहना था कि हमारे सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा'' के कलाकार भी स्वच्छता अभियान के एम्बेसडर हैं।

मुख्‍य सचिव अंटोनी डिसा ने की मेला व्‍यवस्‍था की समीक्षा
 
मुख्‍य सचिव अंटोनी डिसा और पुलिस महानिदेशक सुरेन्‍द्र सिंह ने आज उज्जैन में हाइटेकपुलिस कंट्रोलरूम में मेला व्‍यवस्‍था की समीक्षा की। उन्‍होंने कल की वर्षा तथा आँधी से हुई क्षति और पुनर्निमाण के लिए जारी गतिविधियों की जानकारी भी ली। मुख्‍य सचिव ने बताया की क्षिप्रा नदी के जल की गुणवत्‍ता सुनिश्चित की जा चुकी है। आवागमन, सुरक्षा व्‍यवस्‍था, पेयजल और पानी निकालने जैसे कार्यो को पूरा कर व्‍यवस्‍था बहाल कर दी गई है।

मुख्‍य सचिव ने यहाँ बने हाइटेक कंट्रोल रूम में अलग-अलग डिस्‍प्‍ले बोर्ड पर विभिन्‍न सेक्‍टर में श्रद्धालुओं की आवाजाही, गतिविधियों तथा घाट व्‍यवस्‍था का अवलोकन किया। उल्‍लेखनीय है कि समन्वित कन्‍ट्रोल रूम में पुलिस, सी.आर.पी.ए‍फ., फायर ब्रिगेड तथा राष्ट्रीय आपदा राहत बल के अधिकारी कर्मचारी संयुक्‍त रूप से संपूर्ण मेला क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं। तीन ड्रोन कैमरे से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है । बैठक में सम्‍भागायुक्‍त रवीन्‍द्र पस्‍तोर, कलेक्‍टर कवीन्‍द्र कियावत तथा पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

सिंहस्थ की सफलता के लिये मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मांगी सामूहिक दुआ

सिंहस्थ महाकुम्भ के सफल आयोजन के लिये शुक्रवार को राम-घाट के समीप कमाल मौला मस्जिद परिसर में मजार पर मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा जुमा की नमाज के बाद सामूहिक दुआ की गई। दुआ में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अपेक्षा की कि सिंहस्थ का आयोजन बगैर किसी विघ्न-बाधा से सम्पन्न हो। साथ ही यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी या विपदा या आपदा का सामना न करना पड़े।

श्रद्धालुओं और साधु-संतों में लोकप्रिय हुआ "मध्यप्रदेश संदेश" का सिंहस्थ विशेषाँक

'मध्यप्रदेश संदेश' का माह अप्रैल का सिंहस्थ विशेषांक साधु-संतों, श्रद्धालुओं, सैलानियों और आम-जनों के बीच अत्याधिक लोकप्रिय हो रहा है। पत्रिका जनसंपर्क संचालनालय द्वारा प्रकाशित की जाती है।

जयाजी प्रताप राव के नाम से ग्वालियर से शुरु होने वाली 112 वर्ष पुरानी यह पत्रिका मध्यप्रदेश संदेश देश की गिनी-चुनी सर्वाधिक पुरानी पत्रिकाओं में से एक है। बीच में इस का नाम 'मध्यभारत संदेश' भी था।

मध्यप्रदेश संदेश का अप्रैल अंक सिंहस्थ वर्ष 2016 पर केंद्रित है। यह अंक 176 पेजों का विशेषांक है। इस अंक में उज्जैन का पुरातन वैभव तथा ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व, क्षिप्रा नदी, स्नान की परम्पराओं, सिंहस्थ महा-समागम के विभिन्न आयामों, महाकाल मंदिर, भस्मारती, चौरासी महादेव मंदिर, शिवलिंग पूजन की परम्परा, साधुओं के अखाड़ों, सम्प्रदायों के ध्वज-तिलक और निशान, सम्प्रदायों की संगठन व्यवस्था के साथ ही सिंहस्थ के आयोजन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा की गई कार्य-व्यवस्थाओं पर सामग्री प्रकाशित की गई है।

कवि कालिदास, बाण भट्ट, महाकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर, कविवर सुमित्रानंद पंत, काव्य पुरुष मैथिलीशरण गुप्त की उज्जैयिनी पर केंद्रित साहित्यिक रचनाएँ अंक में प्रमुख आकर्षण हैं।

उज्जैन में इस अंक की अतिरिक्त प्रतियाँ समुचित संख्या में उपलब्ध करवाई गई हैं। मेला क्षेत्र में स्थापित मीडिया सेंटरों के अलावा उज्जैन के स्थानीय जनसंपर्क कार्यालय में भी यह पत्रिका उपलब्ध है। मई माह का अंक भी सिंहस्थ पर केंद्रित एक वृहद विशेषांक है जो 15 मई तक पाठकों के लिए उपलब्ध हो जायेगा।

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