23-Nov-2019

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मध्यप्रदेश में पहली बार बनी इतनी अच्छी रियल एस्टेट पॉलिसी

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नगरों में 5 साल में किये जायेंगे एक लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्य
मैग्नीफिसेंट एमपी के सत्र "अर्बन मोबिलिटी एण्ड रियल एस्टेट" में नगरीय विकास मंत्री सिंह

भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 18, 2019, मध्यप्रदेश में पहली बार सभी के हित में रियल एस्टेट पॉलिसी बनाई गई है। सभी नगरीय निकायों में लालफीताशाही खत्म करने के प्रयास किये जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन और स्टॉम्प डयूटी सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिये सिंगल विण्डो सिस्टम बनाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने मैग्नीफिसेंट एमपी इन्वेस्टर्स समिट-2019 के समानांतर सत्र 'अर्बन मोबिलिटी एण्ड रियल एस्टेट' में यह बातें कहीं। श्री सिंह ने कहा कि शहरों में अगले 5 वर्ष में लगभग एक लाख 8 हजार 722 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्य करवाये जायेंगे।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बिल्डरों को प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कलेक्टर गाइड लाइन के रेट में कमी की है। नजूल की एनओसी 30 दिन में देने का प्रावधान किया गया है। श्री सिंह ने कहा कि नई रियल एस्टेट पॉलिसी में 2 हेक्टेयर से कम जमीन में भी कॉलोनी बनाने की अनुमति दी गई है।

वन स्टेट-वन रजिस्ट्रेशन

श्री सिंह ने बताया कि कॉलोनाइजर्स के लिये वन स्टेट-वन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसका हर 5 साल में नवीनीकरण करवाना होगा। लैण्ड यूज सर्टिफिकेट ऑनलाईन मिलेंगे। बड़े शहरों के पास सेटेलाईट टाउनशिप विकसित करने के साथ ही शहरों का विस्तारीकरण भी किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि बड़े उद्योग हर जगह नहीं है, लेकिन बिल्डर सभी शहरों में है। इनको प्रोत्साहित करना जरूरी है।

रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेट्रो ट्रेन के साथ ही रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट पर भी काम किया जायेगा। मेट्रो ट्रेन शहर के अंदर और रैपिड रेल दो शहरों के बीच चलाई जायेगी। उन्होंने बताया कि अगले 5 साल में शहरों में 2 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जायेंगी। इसके लिये नई ई-व्हीकल पॉलिसी बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों में टैक्स मात्र एक प्रतिशत लगेगा।

रेरा के अध्यक्ष श्री अंटोनी डिसा ने कहा कि प्रदेश में नागरिकों, कॉलोनाइजर्स और इंवेस्टर्स के हित में अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन किये गये हैं। उन्होंने कहा कि रेरा का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को मकान का पजेशन समय पर दिलवाना है। श्री डिसा ने बताया कि अब कालोनियों में रहवासी संघर्ष समिति के स्थान पर रहवासी सहयोग समिति गठित हो रही हैं।

बिल्डिंग परमिशन के लिये 27 के स्थान पर मात्र 5 डाक्यूमेंट

प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ने एमपी रियल एस्टेट पॉलिसी-2019 और ई-व्हीकल पॉलिसी की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अब बिल्डिंग परमिशन के लिये 27 के स्थान पर मात्र 5 डाक्यूमेंट लगेंगे। 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित कालोनियों में कमर्शियल गतिविधियों के लिये निर्धारित शर्तों पर अनुमति दी जायेगी। मॉर्टगेज प्लॉट को तीन चरण में मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के चरणबद्ध विकास की अनुमति भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस बनाने की बाध्यता नहीं होगी। इसके स्थान पर मिलने वाली राशि का उपयोग गरीबों के मकान बनाने के लिये किया जायेगा। अफोर्डेबल हाऊसिंग के लिये अतिरिक्त एफएआर की अनुमति दी जायेगी। इनवेस्टर्स को लैण्ड पूलिंग की सुविधा मिलेगी। रेंटल हाऊसिंग को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में किये जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी भी दी।

मध्यप्रदेश पॉयनियर स्टेट

चेयरमेन एण्ड मैनेजिंग डायरेक्टर इंडिया सीमेंट्स श्री एन. श्रीनिवासन ने कहा कि अर्बन मोबिलिटी और रियल एस्टेट के मामले में मध्यप्रदेश पॉयनियर स्टेट है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राइट ट्रेक पर चल रहा है। श्री श्रीनिवासन ने बताया कि अभी 32 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं। जल्दी ही यह प्रतिशत 40 होगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों के लिये विकास की कुँजी है। श्री श्रीनिवासन ने कहा कि शहरों में गुड लिविंग, चिकित्सा सुविधाएँ, रोजगार और शिक्षा की बेहतर संभावनाएँ होना जरूरी है। वक्ताओं ने श्रोताओं की शंकाओं का समाधान भी किया। संचालन वरिष्ठ पत्रकार श्री श्रीनिवासन जैन ने किया।

आईटी पार्क और उद्योग के लिये नॉमिनल चार्ज पर उपलब्ध है जमीन: मंत्री शर्मा

इंदौर में मैग्निफिसेंट मध्यप्रदेश में इण्डस्ट्रीज 4.0 द इमेजिंग हब ऑफ इनोवेशन सामान्तर सत्र को सम्बोधित करते हुए जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा उद्योगपति प्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आगे आयें। प्रदेश में नॉमिनल चार्ज पर उद्योग स्थापित करने के लिये, आईटी पार्क और आईटी प्रोडेक्ट के लिये जमीन उपलब्ध है। इस सुविधा का सभी भरपूर उपयोग करें। मध्यप्रदेश की सरकार तेज गति से कार्यों का निराकरण करती है। प्रदेश में उद्योगों के लिये अनुकूल माहौल है। यहाँ पानी एवं जमीन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पाँच राज्य से जुड़ा हुआ है, इसलिये यहाँ ग्लोबल मॉर्केटिंग की अपार संभावनाएँ हैं। उद्योगों की स्थापना से लोगों के लिये रोजगार के अवसर पैदा होंगे। श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी विभाग के लिये मैप आईटी कार्य कर रहा है, इससे प्रदेश में सभी विभागों के कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता आई है।

फार्मास्युटिकल उद्योग के विकास पर हुई चर्चा

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फार्मास्युटिकल उद्योग के क्षेत्र में विकास की बहुत ज्यादा संभावनाएँ हैं। निवेशकों की आशा के अनुरूप नीति तैयार कर मध्यप्रदेश को देश के फार्मास्युटिकल उद्योग के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाये जाने के लिये ठोस प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस उद्योग के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर दिलाये जायेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट आज मैग्नीफिसेंट एमपी समिट में “एमपी द इमर्जिंग फार्मास्युटिकल डेस्टीनेशन” सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इंदौर का फार्मास्युटिकल उद्योग प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में छोटी औद्योगिक इकाइयों के हितों का पूरा-पूरा ख्याल रखेगी। उन्होंने निवेशकों से दवा उत्पादन के साथ-साथ हेल्थ केयर, रिसर्च सेक्टर और कॉस्मेटिक सेक्टर में निवेश करने का अनुरोध किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में 700 करोड़ रूपये का निवेश हुआ है और 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किये गये हैं। सामानांतर सत्र में सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के श्री दिलीप संघवी ने बताया कि उनका लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण दवाई तैयार कर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना रहा है। उनका उद्योग समूह दवा उत्पादन के साथ रिसर्च के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। मण्डला जिले को मलेरिया मुक्त करने के लिये वेक्सीनेशन पर रिसर्च किया जा रहा है। श्री संघवी ने कहा कि इस क्षेत्र में स्किल ट्रेनिंग में निवेश की अच्छी संभावनाएँ हैं।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जायेगा : प्रमुख सचिव श्री श्रीवास्तव

प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस सिलसिले में अब तक उठाये गये कदमों के उत्साहजनक परिणाम हासिल हुए हैं।

श्री श्रीवास्तव आज इंदौर में मैग्नीफिसेंट एमपी के समानान्तर सत्र में संबंधित उद्योगपतियों के साथ 'एमपी रीपॉवरिंग द कंट्री अपाच्युनिटीज न्यू एण्ड रिन्युएबल इनर्जी' पर चर्चा कर रहे थे। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के बाहर भी सरकार ने कदम उठाये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख सोलर पम्प लगाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उन कुछ राज्यों में शामिल है जिन्होंने विकेन्द्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा के संबंध में नीति तैयार की है। प्रमुख सचिव ने कहा कि विंड इनर्जी एवं सोलर इनर्जी को प्रदेश में बढ़ावा दिया जायेगा।

निजी होटलों की जानकारी भी मध्यप्रदेश पर्यटन की वेबसाइट पर होगी उपलब्ध

पर्यटन सचिव श्री फैज अहमद किदवई ने कहा है कि प्रदेश के निजी होटलों की जानकारी भी अब मध्यप्रदेश पर्यटन की वेबसाइट पर उपलब्ध करायी जायेगी। निकट भविष्य में पर्यटकों की सुविधा के लिये हेलिकॉप्टर सुविधा का भी प्रावधान होगा। पिछले एक दशक में पर्यटकों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है। फिल्म स्त्री आने के बाद चंदेरी में 50 हजार पर्यटक आये। प्रदेश में फिल्म टूरिज्म प्रोत्साहन के लिये विशेष रूप से फिल्म पॉलिसी लायी जा रही है। मार्ग सुविधा केन्द्रों की स्थापना तथा पुरातत्व विभाग की ऐतिहासिक इमारतों, डाक बंगलों और विलक्षण शासकीय भवनों को होटल के रूप में विकसित करने पर भी काम जारी है। श्री अहमद मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश निवेश सम्मेलन में पर्यटन की संभावनाओं पर सत्र को सम्बोधित कर रहे थे।

किदवई ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ पर्यटन को आर्थिक गतिविधि का बढ़ा स्त्रोत मानते हैं। उनके मार्गदर्शन में पर्यटन नीति को सरल, सुगम तथा सभी संबंधितों के लिये लाभदायक बनाने के उद्देश्य से व्यापक संशोधन किये गये हैं। जल पर्यटन, ईको एण्ड एडवेंचर टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ रिसार्ट के लिये व्यवस्थाओं को सुगम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने के लिये प्रारंभिक रूप से 20 ग्रामों का चयन किया गया है। श्री किदवई ने प्रदेश में विद्यमान पर्यटन सुविधाओं और नीतियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पर्यटन विकास के लिये निजी पहल को भी राज्य शासन द्वारा प्रोत्साहन दिया जायेगा।

प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के व्यापक अवसर

मैग्नीफिसेंट एमपी, इन्वेस्टर्स समिट 2019 में आज 'फीडिंग इंडिया-अपार्च्युनिटीज इन फूड प्रोसेसिंग'' सत्र में इन्वेस्टर्स को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण श्री इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के लिये व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। यहाँ सस्ती जमीन, बिजली तथा पानी सहित अन्य आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि दो जिलों होशंगाबाद के बाबई तथा छिंदवाड़ा में हार्टीकल्चर हब में निवेश के अवसर हैं। यहाँ ग्रीन हाउस, कोल्ड स्टोरेज आदि के लिये पाँच लाख रूपये प्रति एकड़ के नॉमिनल रेट पर जमीन दी जा रही है। शासन द्वारा खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के लिये 25 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 2.5 करोड़ रूपये और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 10 करोड़ रूपये तक दिया जा रहा है। प्रदेश संतरा, टमाटर, लहसुन, तिलहन और दलहन के उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान रखता है।

श्री बैंस ने कहा कि प्रदेश में प्र-संस्करित खाद्य पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये औद्योगिक माँग के अनुरूप गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिये कृषकों को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रदेश में सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती 300 एकड़ भूमि पर की जा रही है। अगले वर्ष 2000 एकड़ में इनके उत्पादन का लक्ष्य है।

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