19-Aug-2019

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मध्‍यप्रदेश में गंभीर अपराधों को चिन्हित कर मॉनीटरिंग की विशेष व्यवस्था

अनुदान माँगे
वर्ष के प्रथम छ: माह में सड़क दुर्घटना में 1.4 प्रतिशत की कमी
गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन का अनुदान माँगों पर जबाव

भोपाल : 19 जुलाई, 2019, गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन ने विधानसभा में अपने विभाग की अनुदान माँगों पर हुई चर्चा के जबाव में कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये गंभीर अपराधों को चिन्हित कर मॉनीटरिंग की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। इसमें जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में कुल 369 प्रकरणों को चिन्हित अपराधों की श्रेणी में लिया गया। विभिन्न न्यायालयों द्वारा वर्ष 2019 में 213 आरोपियों को आजीवन कारावास और 7 प्रकरणों में 7 आरोपियों को मृत्युदण्ड की सजा दी गई। चिन्हित प्रकरणों में सजायाबी का प्रतिशत 68 प्रतिशत रहा है।

गृह मंत्री ने बताया कि यातायात व्यवस्था में दुर्घटनाओं को रोकने के लिये पुलिस को ब्रीथ एनालाइजर तथा स्पीड रडार जैसे उपकरणों से अत्याधुनिक बनाया गया है। सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिये जिले के ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गये हैं और पिछले 6 माह की अवधि में विगत वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 1.4 प्रतिशत की कमी आई है।
श्री बच्चन ने बताया कि विसबल की प्रशिक्षण संस्थान 8वीं वाहिनी विसबल छिंदवाड़ा में 196 नव आरक्षकों का बेसिक प्रशिक्षण इस वर्ष एक जून से प्रारंभ किया गया है। इसके अलावा पुलिस वाहन प्रशिक्षण शाला रीवा में आरक्षकों का डीआर कोर्स, आरएपीटीसी इन्दौर में पीएसओ कोर्स, यूएसी कोर्स और प्रायमरी इण्डकंशन कोर्स तथा पीटीएस आर्म्स भोपाल में आरमोरर कण्डेस कोर्स संचालित किये गये हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने में पुलिस सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश में जप्त की गई अवैध शराब, ड्रग्स/नारकोटिक्स, सोना, चांदी, अन्य मूल्यवान वस्तु की जप्‍ती में प्रदेश पूरे भारत में द्वितीय स्थान पर रहा। उन्होंने जिला बालाघाट में पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ का भी जिक्र किया और बताया कि 14-14 लाख के ईनाम के दो नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गये।
श्री बच्चन ने बताया कि जुआ, सट्टा और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिये विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। इसमें जुआ-सट्टा में 90 लाख और एक करोड़ 90 लाख रूपये के मादक पदार्थ जप्त किये गये। विगत वर्ष के 6 माहों की तुलना में इस वर्ष के 6 माह में भादवि के अपराधों में 4 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार लघु अधिनियम में 15 प्रतिशत और प्रतिबंधात्मक धाराओं में 29 प्रतिशत कार्यवाही अधिक की गई है।
श्री बच्चन ने बताया कि वर्ष 2019 में गुम बच्चों को खोजने के लिये एक माह का विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में एक हजार 54 बच्चों को दस्तयाब किया गया। प्रदेश की सभी जिलों में विशेष किशोर पुलिस इकाईयों का गठन कर इनके कार्य को सुचारू बनाया गया। महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध जघन्य अपराधों को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल में डीएनए लैब शुरू की जा रही है। बैलेस्टिक शाखा एवं सायबर लैब की स्थापना कार्य भी जल्द शुरू किया जायेगा।
महिला अपराधों की रोकथाम एवं घटित अपराधों के त्वरित अनुसंधान पूर्ण कर निर्धारित 2 माह की समयावधि में आरोप पत्र सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने और अधिकाधिक प्रकरणों में दोषसिद्धि कराये जाने के लिये पुलिस प्रतिबद्ध है। 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ घटित प्रकरणों को चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखकर अनुसंधान से विचारण स्तर तक दिन-प्रतिदिन पर्यवेक्षण किया जा रहा है। महिलाओं और बालिकाओं के विरूद्ध घटित यौन अपराधों में 6 प्रतिशत की कमी हुई है। प्रदेश के 51 जिलों में अजाक विशेष पुलिस थानों में उप पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना की गई है। निरीक्षकों को वन स्टेप प्रमोशन देकर उप पुलिस अधीक्षक अजाक द्वितीय के पद पर पदस्थ कर अनुसंधान के अधिकार भी सौंपे गये हैं। रेंज पुलिस अधीक्षक अजाक के कार्यालयों जिला लोक अभियोजन के 10 पद स्वीकृत किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण योजना में एटीएस एवं हॉकफोर्स को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। नये प्रशासकीय भवन, पुलिस थाना भवन, चौकी भवनों का निर्माण भी हुआ है। इस योजना में 10 हजार 500 आवासीय भवनों का निर्माण भी कराया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा प्रदेश में पहली बार 236 बहुमंजिला आवास गृहों को मुख्यमंत्री द्वारा इंदौर में लोकार्पित किया गया।
बढ़ते सायबर अपराध को देखते हुए राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय के जरिये सायबर शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके लिये भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में जोनल कार्यालय खोलकर सायबर अपराधों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। भोपाल में उच्च तकनीकी थाने की स्थापना की गई है। डायल-100 और सीसीटीवी सर्विलान्स जैसी महत्वपूर्ण योजना से अपराधों को नियंत्रित किया जा रहा है। डायल-100 के लिये मोबाइल एप लांच किया गया है। अभी तक 70 लाख 11 हजार लोगों की मदद की गई है। 7 लाख 33 हजार महिलाएँ, 4 लाख 50 हजार सड़क दुर्घटना पीड़ित, 589 नवजात शिशुओं, 10 हजार 175 गुम बच्चों, 60 हजार अवसाद ग्रस्त व्यक्तियों सहित 40 हजार वरिष्ठ नागरिकों के लिये भी डायल-100 सहायतार्थ पहुँची है।
प्रदेश के 60 शहरों के 2000 स्थानों पर लगभग 11 हजार 500 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये गये हैं। पुलिस को  एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण का काम भी लगातार जारी है। वर्ष 2019 में विसबल की 20 कम्पनियाँ लोकसभा चुनाव करवाने के लिये बिहार, आन्ध्रप्रदेश, तेलगांना, पंजाब राज्यों में भेजी गई। उन्होंने चुनाव डयूटी में सौंपे गये दायित्वों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।  
जेल मंत्री ने कहा है कि छिन्दवाड़ा में नया जेल कॉम्पलेक्स एवं इन्दौर में नवीन केन्द्रीय जेल निर्माण के लिये राशि उपलब्ध कराई गई है। जेल में नवीन पदों की पूर्ति और नवीन वॉकी-टॉकी प्रदायगी की जा रही है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश की 14 जेलों में 22 बैरकों का निर्माण किया जायेगा। इसके लिये 4 करोड़ 80 लाख का प्रावधान है। शिवपुरी में नई जेल का कार्य पूर्ण किया गया है और भिण्ड में नई जेल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
जेल मंत्री ने बताया कि जेल में बंदियों के सुधार के लिये शिक्षा और साक्षरता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। स्वास्थ्य परिक्षण भी लगातार किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास के लिये विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जेल, उज्जैन, भोपाल, जिला जेल बैतूल एवं धार में आईटीआई की स्थापना की गई है। बंदियों के पारिश्रमिक दरों में वृद्धि की गई है। बंदियों की पेशी वीडियो कान्फ्रेंशिंग के माध्यम से कराई जा रही है। ई-प्रिजन कार्यक्रम शुरू किये गये हैं। इलेक्ट्रिक फेंसिंग की व्यवस्था की जा रही है। कल्याण कोष की स्थापना जेल मुख्यालय एवं प्रत्येक इकाई पर की गई है।
मंत्री ने लोक अभियोजन द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में बताया कि अपराधमुक्त समाज के लिये प्रदेश में भादवि के प्रकरणों में 60 प्रतिशत से अधिक, भ्रष्टाचार संबंधी मामलों और जघन्य प्रकरणों में 70-70 प्रतिशत और मादक पदार्थों से संबंधित प्रकरणों में 54 प्रतिशत से अधिक दोष सिद्ध हुए हैं।  
मंत्री श्री बाला बच्चन के अनुदान माँगों पर चर्चा के जवाब के बाद उनके विभाग का बजट 8026 करोड़ 81 लाख 15 हजार रूपये सर्वसम्मति/ध्वनिमत से पारित किया गया। 
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