22-Jul-2018

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सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 17 अस्थाई फायर स्टेशन बनेंगे

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उज्जैन में इस वर्ष होने वाले सिंहस्थ में आग से होने वाली दुर्घटना से बचाव के लिये सिंहस्थ मेला क्षेत्र के सभी 6 झोन और 22 सेक्टर में 17 अस्थाई फायर स्टेशन और 20 अस्थाई फायर पाइंट रहेंगे। फायर स्टेशनों के लिये हाईड्रेंट के स्थान का चयन किया जा रहा है। इन स्थानों पर फायर फाइटर लोड करने के लिये आवश्यक संसाधन भी होंगे।

स्मार्ट पार्किंग की होगी व्यवस्था

सिंहस्थ में आने वाले वाहनों के लिये स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को मोबाइल एप द्वारा स्थान उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। सिंहस्थ क्षेत्र में स्क्रीन पर पार्किंग की उपलब्धता, वाहन कहाँ तक पहुँच सकेगा और सिंहस्थ का मार्ग सिंगल लेन होगा या डबल लेन, इसकी भी जानकारी वाहन चालकों को मोबाइल और डिस्प्ले बोर्ड पर मिलेगी। सिंहस्थ में आने वाले वाहनों के लिये पार्किंग शुल्क भी तय कर लिये गये हैं। पार्किंग शुल्क समयावधि की श्रेणी के अनुसार तय किया गया है। इंटर सिटी पब्लिक बस के लिये प्रति ट्रिप 100 रुपये और पूरे दिन के लिये 300 रुपये पार्किंग शुल्क रहेगा। पार्किंग शुल्क सेटेलाइट-टाउन के अलावा उज्जैन शहर के चिन्हित पार्किंग स्थलों पर भी लागू होगा।

मेगा ईवेन्ट तथा मेगा व्यवस्थाएँ

इस बार सिंहस्थ में 20 लाख व्यक्ति के निवास के हिसाब से मेला क्षेत्र विकसित किया जा रहा है तथा अधिकतम प्रतिदिन एक करोड़ व्यक्तियों के मान से सारी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। कुल 5 करोड़ व्यक्ति के मान से सारी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। सिंहस्थ के लिये 3500 करोड़ के कार्य करवाये जा रहे हैं। कार्यों के लिये विशेष 'प्रोजेक्ट मेनेजमेंट सॉफ्टवेयर'' विकसित किया गया है। कार्यों में पूरी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता रखी जा रही है।

सिंहस्थ में विद्यालय परिसरों को उपयोग में लाने के लिए 4 करोड़ से ज्यादा के मूलभूत कार्य

आगामी सिंहस्थ के दौरान शिक्षा विभाग के चयनित विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए 4 करोड़ 29 लाख रुपये के कार्य करवाये जा रहे है। सिंहस्थ के लिए 67 शासकीय विद्यालय तथा 24 अशासकीय विद्यालय परिसर का उपयोग किया जायेगा। इन विद्यालय परिसरों में पुलिस बल और स्वयं-सेवकों के रुकने की व्यवस्था की जाएगी।

सिंहस्थ के लिये 50 हजार क्विंटल लकड़ी, 85 हजार बाँस-बल्ली भण्डारित
 
हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी, 35 हजार सागोन बल्ली और 50 हजार बाँस उपलब्ध करवाया जा चुका है। वन विभाग द्वारा सिंहस्थ में वनोपज आपूर्ति के लिये उज्जैन वन मण्डल के नागझिरी में केन्द्रीय डिपो और उजरखेड़ा, मंगलनाथ, दत्त अखाड़ा, भेरूगढ़ (पीर मछंदर नाथ) और मुख्य वन संरक्षक परिक्षेत्र उज्जैन में अस्थायी डिपो बनाया गया है।

वन विभाग ने सिंहस्थ-2016 के लिये 75 हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी, 50 हजार बल्ली और 75 हजार बाँस भण्डारण का लक्ष्य निर्धारित किया है। भण्डारित की जाने वाली वनोपज में नागझिरी डिपो में 6500 क्विंटल जलाऊ लकड़ी, 13 हजार बल्ली और 47 हजार बाँस, उजरखेड़ा और मंगलनाथ डिपो में 27-27 हजार 500 क्विंटल जलाऊ, 14-14 हजार बल्ली, साढ़े नौ-नौ हजार बाँस, दत्त अखाड़ा में 7500 क्विंटल जलाऊ, 5-5 हजार बल्ली और बाँस, भेरूगढ़ डिपो में 4000 क्विंटल जलाऊ, 2-2 हजार बल्ली और बाँस और मुख्य वन संरक्षक डिपो में 2000 क्विंटल जलाऊ लकड़ी और 2-2 हजार बाँस-बल्ली का भण्डारण किया गया हैं।

वन विभाग सिंहस्थ में साधु-संतों को जलाऊ लकड़ी, टेंट, बेरीकेटिंग आदि के लिये लकड़ी उपलब्ध करवाने अस्थायी डिपो बनाता है और माँग के अनुसार वनोपज की आपूर्ति करता है। जलाऊ लकड़ी का प्रबंध डिण्डोरी, खण्डवा और देवास जिले से किया गया है। बाँस की कुल आपूर्ति में से 25 हजार बाँस उज्जैन जिले से ही एकत्र किया गया है।

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