25-Jun-2018

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सत्ता-संगठन में भाजपा जैसा तालमेल कहीं नहीं- नंदकुमार सिंह चौहान

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भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक सागर में प्रारंभ

सागर। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज सागर होटल दीपाली के स्व. सुंदरलाल पटवा सभागार में प्रारंभ हुई। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, फग्ग्नसिंह कुलस्ते, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव व सांसद श्रीमती ज्योति धु्रर्वे, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने दीप-प्रज्जवलित कर महापुरूषों के चित्रों पर माल्यापर्ण कर बैठक का शुभारंभ किया। बैठक के प्रारंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश अध्यक्ष ने कन्यापूजन किया। मुख्यमंत्री ने बैठक स्थल पर ध्वजारोहण कर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। अतिथियों को स्वागत जिला अध्यक्ष राजा दुबे ने किया। बैठक का संचालन पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि सागर में आयोजित कार्यसमिति की यह बैठक हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा सभागार में आहूत हो रही है। स्व. पटवाजी संगठन एवं सत्ता की राजनीति के केन्द्र थे, पक्ष-विपक्ष की राजनीति के केन्द्र बिन्दु रहे। आज की यह बैठक स्व. राजमाता सिंधिया की जन्मस्थली एवं महादानी डॉ. हरीसिंह गौर की कर्मस्थली पर आयोजित हो रही है। डॉ. गौर प्रकाण्ड विद्वान थे, वे देशभर में शिक्षा के बीज बोना चाहते थे, उन्होनें सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की और अपने संपूर्ण जीवन की पूंजी विश्वविद्यालय में लगा दी। प्रदेश उनके योगदान को कभी भूला नहीं पायेगा। बुन्देलखंड की धरती आला-ऊदल से लेकर छत्रपाल जी तक को अपने आप में समेटे है। यह साहित्यकारों की भूमि भी है, महान कवि श्री पद्माकर जी ने भी इस महान धरा पर जन्म लिया। श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने शहडोल एवं नेपानगर उपचुनाव एवं हाल ही में संपन्न हुए तीन नगरीय निकायों के चुनावों में हुई पार्टी की शानदार जीत को नोटबंदी पर देश की जनता का समर्थन बताया।

उन्होनें कहा कि शहडोल उपचुनाव की परिस्थितियों को देखते हुए हम कह सकते है कि कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम मुख्यमंत्री के प्रति जनता के विश्वास को इसका श्रेय जाता है। उन्होनें कहा कि यह विजयी शिवराजसिंह चौहान की है, भारतीय जनता पार्टी सरकार की है। उन्‍होंने कहा कि शहडोल एवं नेपानगर चुनाव में जनता ने सरकार के विकास कार्यों पर अपनी मुहर लगायी है। मध्यप्रदेश संगठन एवं सत्ता के सामंजस्य का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। सत्ता एवं संगठन का ऐसा तालमेल अन्य किसी दल में नहीं मिलेगा। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान लोगों को दे रहे है, इसका प्रचार-प्रसार होना चाहिए, फसल बीमा के संबंध में भी उन्होनें कहा कि इस वर्ष सरकार ने फसल बीमा पर लगभग साढ़े चार हजार करोड़ की राहत राशि किसानों को दी है। इससे पूर्व भी 4.5 हजार करोड़ किसानों को दिये जा चुके है। जहां कांगे्रस ने फसल बीमा पर 50 वर्ष में 8 हजार करोड़ भी नहीं बांटे, वहीं हमारी सरकार ने एक वर्ष में इतनी राशि प्रदान की।

सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण है भाजपा संगठन- थावरचंद गेहलोत

केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि मैं अनुसूचित जाति वर्ग से पार्टी का प्रमुखकार्यकर्ता हूं, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होनें पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के गठन एवं रचना कैसे हुई तथा उसकी क्या उपयोगिता है, इस पर प्रकाश डाला। उन्होनें कहा कि पूर्व में हरिजन मोर्चा का गठन हुआ। हरिजन से तात्पर्य ‘हरि के जन’ अर्थात इन सबके बीच में जाने के लिए एक नेतृत्व की आवश्यकता हुई, जिसे अनुसूचित जाति मोर्चा का नाम दिया गया। पूर्व में जो भी पार्टी के मार्गदर्शक रहे, मध्यप्रदेश ने उन सबका अनुपालन किया और एक आदर्श मिसाल मध्यप्रदेश के भाजपा संगठन ने प्रस्तुत की। गेहलोत ने कहा कि भाजपा संगठन सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण है। देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व वाली सरकारें है, दोनों ही सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारा दायित्व है कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाये एवं योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके ऐसा हमारा प्रयास हो।

बैठक में पार्टी के प्रदेश महामंत्री अजयप्रताप सिंह ने राजनैतिक प्रस्ताव कार्यसमिति सदस्यों के समक्ष रखा, जिसका समर्थन प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत एवं प्रदेश मंत्री सुश्री कविता पाटीदार ने किया। प्रदेश कार्यालय मंत्री सत्येन्द्र भूषण सिंह ने शोक प्रस्ताव रखा, शोक प्रस्ताव में पार्टी एवं समाज के दिवंगत वरिष्ठजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

सर्जिकल स्ट्राइक और विमुद्रीकरण के फलस्वरूप देश की जनता में प्रसन्नता

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अजयप्रताप सिंह ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, उदघाटन सत्र और राजनैतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि बैठक में सर्जिकल स्ट्राइक और विमुद्रीकरण के फलस्वरूप देश की जनता ने प्रसन्नता व्यक्त की है, इसको लेकर प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों ने केन्द्र सरकार के प्रति आभार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता पूर्ण सोच के लिए उन्हें बधाई दी। आजादी के बाद विमुद्रीकरण के रूप में ऐतिहासिक आर्थिक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि बैठक में संभागशः बैठकों की व्यवस्था की गयी है और उनसे जो सुझाव प्राप्त होंगे उन पर विस्तार से चर्चा की जायेगी। आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जायेगी।

उन्होंने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय कार्यसमिति की गत दिनों हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के अमल पर बल दिया गया और प्रदेश में आंचलिक क्षेत्रों के विकास की रूपरेखा पर विचार किया गया। बुन्देलखण्ड अंचल का विकास विशेष चर्चा का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राजनैतिक शुचिता और वित्तीय पारदर्शिता के संबंध में जो सुझाव दिए है उन पर प्रदेश में अक्षरशः अमल की चर्चा में सर्व स्वीकृति बनी। पार्टी संगठन में भाई भतीजावाद पर पूछे गए एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि पार्टी में टिकट देने का निर्णय कार्यकर्ता की क्षमता, सक्रियता, लोकप्रियता और कर्मठता के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि भाई भतीजा होना गुनाह नहीं है। सांसद ज्ञान सिंह के चिरंजीव जिला संगठन में महामंत्री है वे सामान्य कार्यकर्ता होते हुए उनकी अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन में कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं है। कटनी के पुलिस अधीक्षक के तबादले का जहां तक सवाल है वह एक प्रशासकीय एवं नियमित प्रक्रिया है। उन्हें कटनी जैसे छोटे जिले के बजाए चुनौतीपूर्ण बड़े जिला छिंदवाड़ा का प्रभार दिया गया है। इसमें कहीं राजनीति नहीं देखी जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक अधिकारी के तबादलें से कोई भी जांच प्रभावित नहीं होती है। फिर एक्सिस बैंक में यदि कोई घोटाला हुआ है तो वह सक्षम वित्तीय प्रभारी द्वारा जांच का विषय है। जहां तक जिला प्रशासन कटनी का सवाल है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और वह अपनी जांच जारी रखेगा। जो भी दोषी होगा उसे कडा दंड मिलेगा। किसी को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 8 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच में हुए फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन का ब्यौरा मांगा है। यह सभी पार्टी प्रतिनिधियों से अपेक्षित है, कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की संहिता से पार्टी बंधी हुई है और उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जायेगा। प्रदेश पार्टी संगठन प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष की शुचिता और पारदर्शिता की कसौटी पर खरा उतरेगा।

 

राजनैतिक प्रस्ताव

जागृत भारत- सशक्त भारत

प्रत्येक राष्ट्रभक्त भारतवासी का चिर पुरातन सपना है कि भारत समर्थ समृद्ध एवं सषक्त राष्ट्र बने, जिसकी गौरव गाथा समय काल की सीमाओं से परे चिर काल तक दिग-दिगंत में गुंजारित रहे। समूचा विष्व जिसकी छत्र छाया में शांति, प्रगति, सुरक्षा, न्याय के लिये आष्वस्त रहे। शताब्दियों तक गुलामी का दंष झेल चुके भारत को स्वतंत्रता के पश्चात् अवसर मिला था की वह अपना पूर्व का गौरव पुनः प्राप्त करें। किन्तु देश के तत्कालीन नीति नियंताओं ने इसको पूंजीवाद, साम्यवाद, समाजवाद जैसी अव्यवहारिक विदेषी विचार धाराओं का दास बनाने का प्रयास किया था। भारत में प्रजातांत्रिक समाजवाद के नाम पर अजूबा खिचड़ीनुमा प्रयोग हुआ जिसकी गति आधा तीतर आधा बटेर जैसी हुई है। भारत भौतिक रूप से भले ही स्वतंत्र हो गया हो किन्तु मानसिक गुलामी की जंजीरों में अभी तक जकड़ा रहा है। इसके दुष्परिणाम भ्रष्टाचार, आतंकवाद, प्रषासनिक अराजकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद, अलगावाद, नक्सलवाद के रूप में प्रकट हुए है।

                वर्तमान समय में लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समूचा भारत सबका साथ सबका विकास की अवधारणा के आधार पर तेज गति से शक्ति और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ चला है और देष विघातक आंतरिक एवं बाह्य ताकतों को समाप्त करने की उसने ठान लिया है। भारतीय सेना का पाकिस्तान की धरती में घुसकर आतंकवादी और आतंकवादी के ठिकानों को समाप्त करने वाला शल्यात्मक प्रहार (Surgical Strike) इसी दिषा में किया गया। भारतीय शक्ति एवं चेतना का संघोष है।

                भारत की आंतरिक मोर्चे पर उसे घुन की तरह खोखला कर रहे नक्सलवाद, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, कालाधन को समाप्त करने के लिये भी प्रधानमंत्री जी द्वारा विमुद्रीकरण (De-Monetization) एवं मुद्रा विहीन विनिमय (Cash Less Transaction) का कठोर कदम भी निर्णायक है और अब इसका असर भी चैतरफ परीलक्षित हो रहा है। इससे भ्रष्टाचार विहीन, पारदर्षी, समता मूलक समाज की रचना होगी। भाजपा मध्यप्रदेष की प्रदेष कार्यसमिति माननीय प्रधानमंत्री जी के इन ठोस निदानात्मक उपचारों के साथ दृढ़ता से खड़ी है और समर्थन करती है। हमारा समाजिक जीवन भी आज के दौर में राजनीति से अछूता नहीं है। अतः वर्तमान समय में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लोकतंत्र में भाई-भतीजावाद से मुक्त एवं दल संचालन के लिये पारदर्षी एवं सुचितापूर्वक धन संग्रह करने का तथा उसका विवरण सार्वजनिक करने का आवह्न भी सामायिक एवं प्रासंगिक है। मा. प्रधानमंत्री जी की चुनाव सुधार और केन्द्र और राज्यों के चुनाव एक साथ कराने की सोच भी वर्तमान समयानुकूल औश्र व्यवहारिक है।

 

शूरता की उपासना:

                मध्यप्रदेष सरकार ने भी वीर सैनिकों की शहादत को प्रणम्य एवं अविस्मरणीय बनाये रखने के लिये भोपाल में राष्ट्र का प्रथम शौर्य स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया है। यह स्मारक शहीदों, सैनिकों एवं उनके परिजनों के प्रति राष्ट्रीय समाज के मन में दायित्व एवं आदर बोध जागृत करता है। जिसके कारण सैनिक का मनोबल विस्तृत होता है और समय आने पर वह राष्ट्र की सम्प्रभुता के रक्षार्थ हॅसते-हॅसते वह अपने प्राण न्यौछावर कर देता है। मान. मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चैहान जी की इस पहल पर मध्यप्रदेष सरकार का यह कृत्य प्रणम्य है।

                प्रदेष सरकार ने भी आतंकवाद और आतंकवादियों के विरूद्ध शून्य सहनषीलता ¼Zero Tolerance½ की नीति अपनाई है। इस नीति के तहत ही भोपाल जेल तोड़ कर भागे सिमी आतंकवादियों को मात्र कुछ घंटो में ही नेस्तानाबूद कर दिया गया प्रदेष कार्यसमिति माननीय मुख्यमंत्री जी, मान. गृह मंत्री जी एवं मध्यप्रदेष पुलिस को इस त्वरित एवं सटीक कार्यवाही के लिये कोटिषः साधुवाद देती है।

भ्रमित विपक्ष:

                कांग्रेस पार्टी सहित समूचा विपक्ष (कुछ अपवादों को छोड़कर) इस समय विमुद्रीकरण एवं शल्यात्मक प्रहार जैसे मुद्दों पर जिस तरह क्रियाकलाप कर रहा है और भाषा बोल रहा है। उससे यह सहसा विष्वास नहीं होता कि वे भारत के लिये राजनीति कर रहे है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी निष्ठा राष्ट्र के शत्रुओं के साथ है। भाजपा प्रदेष कार्यसमिति विपक्ष के इस आचरण की कटु आलोचना करती है।

स्वर्णिम 11 वर्ष:

                29 नवंबर 2016 मध्यप्रदेष के इतिहास में एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में दर्ज हो चुकी है। प्रदेष के गठन के पश्चात् सर्वाधिक दिनो तक (11 वर्ष) मुख्यमंत्री पद धारण करने का कीर्तिमान प्रदेष के यषस्त्री एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चैहान जी ने बनाया है। उनकी उपलब्धि प्रदेष में सर्वाधिक दिनों तक मुख्यमंत्री बने रहने तक सीमित नहीं है। उन्होंने इस कालखण्ड में प्रदेष को विकास एवं जनकल्याण की नई बुलंदियों तक पहुॅचाया है। इसका उदाहरण है कि राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न योजनाआंे के क्रियान्वयन के लिये जो भी मापदण्ड एवं पुरूस्कार निष्चित है सबके सब मध्यप्रदेष की झोली में गाहे बेगाहे आते रहे है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदेष की जनता को अपना आराध्य माना है और एक सच्चे पुजारी की भाति आराध्य की सेवा की है। यह पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का शताब्दी वर्ष है। पण्डित जी का चिंतन गाव, गरीब, शोषित, वंचित समूह के इर्द-गिर्द रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सरकार संचालन में इसी समूह को लक्ष्य करके प्रदेष को विकास पथ पर बढ़ाने का प्रयास किया है। उनके इस प्रयास पर केन्द्रीय भाजपा नेतृत्व ने भी उन्हें गरीब कल्याण एजेण्डा बनाने वाले समूह का नेता बनाकर उन पर विष्वास व्यक्त किया है। प्रदेष कार्यसमिति माननीय मुख्यमंत्री जी के इन 11 वर्षीय उपलब्धियों के लिये उन्हें बधाई देती है तथा आषा व्यक्त करती है कि भविष्य में भी वे इसी तरह प्रदेष के सभी क्षेत्र, वर्ग, समूह की सेवा करते रहेंगे।

भविष्य के लक्ष्य:

                माननीय मुख्यमंत्री जी ने नूतन वर्ष में तीन लक्ष्य प्रदेष सरकार के लिये एवं अपने लिये निर्धारित किया है। 1. मध्यप्रदेष में सभी को आवास। 2. प्रदेष के सभी बच्चों को उच्च षिक्षा हेतु धनाभाव की कमी आड़े नहीं आने दी जायेगी। 3. भूमण्डलीय तापक्रम वृद्धि एवं पर्यावरणीय परिवर्तन (Global Warming and Climate Change) की वैष्विक चुनौती का सामना। ये तीनों ही बिन्दु प्रदेष वासियों के स्वाभिमान सम्मान एवं भविष्य से जुड़े हुए है। उपरोक्त तीनों लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये अगर आवष्यक हुआ तो प्रदेष सरकार कानून बनाने के लिये भी संकल्पित है। प्रदेष कार्यसमिति माननीय मुख्यमंत्री जी के इस संकल्प का अनुमोदन करती है और उन्हें विष्वास दिलाती है कि समूची भाजपा इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये उनके साथ खड़ी है।

लोकमंथन अभिनव प्रयोग:

                प्रदेष के विकास में आम जन की भागीदारी आवष्यक है। इस भागीदारी को सुनिष्चित करने के लिये प्रदेष सरकार ने देष विदेष के विद्वानो, विचारकों एवं कर्मषीलों को आमंत्रित कर लोकमंथन का आयोजन किया था। इस मंथन से निकले वे नवनीत का लाभ भविष्य में प्रदेष की जनता को प्राप्त होगा। विश्वास है कि इस लोकमंथन से उत्पन्न हुए विचारों एवं योजनाओं के आलोक में प्रदेष आगे बढ़ेगा।

आवास:

                अभी तक प्रदेष सरकार ने सभी को आवास प्रदान करने के लक्ष्य की दिषा में 3.5 लाख (साड़े तीन लाख) आवासहीनों को स्वीकृती प्रदान की है। वर्ष 2018-19 तक सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 13 लाख 28 हजार आवास आवंटित करने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेष सरकार ने विमुक्त घुम्मक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के उत्थान हेतु भी अनेक योजनायें लागू की है। जिनमें बच्चों की षिक्षा, रहने के आवास एवं खाद्यान्न की येाजनायें प्रमुख है।

स्वच्छ भारत:

                माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर स्वच्छ भारत की दिषा में मध्यप्रदेष सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। वर्तमान समय में 378 नगर खुले में शौच से मुक्त घोषित होने के कगार पर है। राज्य स्तर पर एकीकृत ठोस अवषिष्ट प्रबंधन के माध्यम से 65 मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिये तेजी से कार्य जारी है।

नई पहल:

                मध्यप्रदेष देष का ऐसा पहला राज्य है। जिसने माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर कृषि क्षेत्र में कार्यरत किसानों की आय को निर्धारित समयावधि में दो गुना करने का पथ मानचित्र (त्वंक डंच) तैयार कर लिया है। पूर्व से भी कृषि क्षेत्र में प्रदेष सरकार की उपलब्धिया विरोधियों को भी दातों तले उंगलिया दबाने के लिये मजबूर करती रही है। मध्यप्रदेष के किसानों को केन्द्रिय फसल बीमा योजना के अंतर्गत 4,416 करोड़ की राषि प्रदेष सरकार ने 46,000 कृषकों के खातों में आंतरित की गई है। शहरी क्षेत्र में बसे हुए नगरीय गरीबों की समस्याओं के निदान एवं उनके उत्थान के लिये नगर-उदय अभियान प्रदेष सरकार की अनुकरणीय पहल है। तीन चरणों में संचालित होने वाले इस अभियान में अधोसंरचना मूलक कार्य एवं विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों का चयन कर 3 फरवरी 2017 को वृहद कार्यक्रम के माध्यम से लाभान्वित किया जायेगा। राज्य सरकार नवगठित आनंद विभाग के अंतर्गत आनंद संस्थान के माध्यम से आनंद उत्सव आयोजित करने की लंबी श्रृंखला पर कार्य कर रही है। इसके तहत सांस्कृतिक, खेलकूद से जुड़े हुए कार्यक्रम गाव-गाव तक आयोजित होंगे। राज्य सरकार ने 48,000 दैनिक वेतन भोगियों को भी नियमित करने का निर्णय लिया है। पुलिस बल में 6250 नये पद सृजित किये है। ग्रामीण क्षेत्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता के लिये ऐलोपेथिक चिकित्सक विहीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुर्वेदिक एवं यूनानी, होम्योपैथिक चिकित्सकों को पदस्थ करने का भी निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना एवं कटे-फटे होटों की शल्य क्रिया के माध्यम से अनेक नौ निहालों को लाभान्वित किया जा रहा है। सरकार ने प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री स्व रोजगार योजना, युवा उद्यमी योजना एवं  मुद्रा योजना के माध्यम से 7.5 लाख युवाओं को रोजगार देने का प्रतिवर्ष निर्णय किया है। सरकार की योजनाओ का लाभ पारदर्षी एवं व्यवस्थित तरीके से हितग्राही तक पहुॅचे इसके लिये आवष्यक है कि लाभार्थी योजना के विभिन्न पहलुओं से परिचित रहे। इस दृष्टि से भोपाल में आयोजित हितग्राहियों का विषाल प्रषिक्षण महासम्मेलन अद्भुत एवं ऐतिहासिक था। इस महासम्मेलन में प्रदेष सरकार ने सभी विकासखण्डों में मिट्टी परीक्षण प्रयोग शाला प्रारंभ करने की घोषणा की है। चिन्हित शहरों में दीनदयाल रसोई प्रारंभ होगी, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्षन योजना में गंगासागर, कामाख्या देवी, पटना साहिब गिरनार जी को भी जोड़ा है और सबसे महत्वपूर्ण कृषि कार्य के दौरान किसान अथवा खेतीहर मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु होने पर एवं पंजीकृत मजदूर की मजदूरी करते हुए दुर्घटनाम में मृत्यु होने पर सरकार 4 लाख रूपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत कन्याओं को अब स्मार्ट फोन दिया जायेगा। प्रदेष के विकास में अनवरत अपना योगदान दे रहे शासकीय कर्मचारियों को 7 प्रतिषत महंगाई भत्ता देने का सुसंगत एवं समय अनुकूल निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री जी की पहल पर केन्द्र सरकार ने भी लौह पथ (त्ंपस) के क्षेत्र में वर्षो से प्रतिक्षित रीवा-सिंगरौली एवं खजुराहों-पन्ना-सतना लौह पथ बनाने का षिलान्यास एवं सिंगरौली से दिल्ली और भोपाल तक नई सवारी गाड़ी देने की घोषणा की है एवं छतरपुर और सीधी में रेल स्थानक का षिलान्यास किया है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेष कार्यसमिति मान. मुख्यमंत्री जी के इन समस्त पहलों का अभिनंदन करती है।

निवेशक सम्मेलन:

                प्रदेश सरकार की पहल पर वैष्विक निवेशक सम्मेलन (ळसवइंस प्दअमेजवते ैनउउपज) में 5,62,887 करोड़ (पाच लाख बासठ हजार आठ सौ सत्यासी करोड़) के 2,630 आषय प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हुए है।

                यह इसका द्योेतक है कि उद्योगपतियों का विष्वास मध्यप्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चैहान पर है। इन निवेषों से प्रदेश में औद्यौगिक क्रांति आयेगी। यहा के निवासियों को रोजगार एवं जीवन यापन के लिये सम्मानजनक मार्ग प्राप्त होगा।

विकसित बुन्देलखण्ड:

                मध्यप्रदेश का ‘बुंदेलखण्ड अंचल’ की गिनती किसी समय प्रदेश के सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े हुए क्षेत्र के रूप में की जाती थी किन्तु मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की तरह इस अंचल के विकास और सामाजिक कल्याण पर जोर दिया है। उन्होंने अंचल के विकास की आवष्यकता को चिन्हित करने एवं सूचना देने के लिये बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण का गठन किया। सागर में चिकित्स महाविद्यालय स्थापित किया, छतरपुर में नवीन विष्वविद्यालय स्थापित किया और बुंदेलखण्ड के पिछड़ेपन को दूर करने के लिये केन्द्र सरकार से प्राप्त आर्थिक सहायता का सद्पयोग करते हुए 190 लघु मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृत किया, जिनका कार्य जारी है। इसके लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रषंसा की है। मान. मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से यहा पर सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी समस्याओं का भी हल निकला है और बुंदेलखण्ड भी अब प्रदेष के अन्य अंचलों से विकास के क्षेत्र में होड़ करने लगा है। बुंदेलखण्ड की जनता ने भी समय समय पर विभिन्न चुनावों में भाजपा के पक्ष में जनादेष देकर मुख्यमंत्री के प्रयासों को अपनी लोक स्वीकृति प्रदान की है।

नर्मदा सेवा यात्रा:

                वर्तमान समय में मान. मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा, मार्गदर्षन एवं नेतृत्व में अब तक ज्ञात इतिहास में पर्यावरणीय संरक्षण के लिये विष्व का सबसे बड़ा जन आंदोलन “नमामि देवी नर्मदे” नर्मदा सेवा यात्रा संचालित है। मा नर्मदा मध्यप्रदेष की जीवन रेखा है करोड़ो प्रदेश वासियों की आध्यात्मिक विष्वास का केन्द्र बिन्दु है, आस्था का प्रवाह है। इसलिये प्रदेष के जन-मन के मन में नर्मदा के प्रति आगाध श्रद्धा है। मा नर्मदा भी प्रदेष के लाखों एकड़ भूमि को सिंचित करती है, रोजगार देती है, विद्युत उत्पादन होता है उसके आंचल में ही मध्यप्रदेष की खुषहाली रचती बसती है। अतः माॅ नर्मदा के संरक्षण एवं उसके प्रवाह को अविरल सुनिष्चित करने के लिये मान. मुख्यमंत्री जी की पहल पर जो जन आंदोलन खड़ा हुआ है प्रदेष भाजपा इसका अभिनंदन करते हुए समर्थन करती है तथा भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता एवं करोड़ो प्रदेष वासियों से इससे जुड़ने का आह्वान करती है।

भाजपा विजय:

                विमुद्रीकरण एवं शल्यात्मक प्रहार के पश्चात् विरोधियों द्वारा अर्नगल प्रलाप एवं दुष्प्रचार करने के बावजूद मध्यप्रदेष में शहडोल लोकसभा, नेपानगर विधानसभा एवं नगर पालिका हरदा, नगर परिषद अमरकंटक और मांडव के चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत से प्राप्त जीत इस ओर इंगित करती है कि प्रदेष की जनता कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद के विरूद्ध है और भारत के स्वाभिमान एवं सम्मान के साथ है तथा उसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मान. मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह जी के विकास और जनकल्याणोन्मुखी नेतृत्व में विष्वास है। प्रदेष कार्यसमिति इन चुनावों में प्राप्त विजय के लिये इन क्षेत्रों की जनता, भाजपा कार्यकर्ता मान. प्रदेष अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चैहान एवं उनके सहयोगीगण सहित मान. मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन करती है।

सक्रिय संगठन:

                प्रषासन के स्तर पर मान. मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेष सरकार प्रदेष की जनता के लिये निरंतर सेवारत है। प्रदेष सरकार को आवष्यक सहयोग प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेष भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक स्तर पर भी निरंतर सक्रिय है। प्रदेष भाजपा ने मा. मुख्यमंत्री जी के सफलता पूर्वक 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक पंचायत स्तर पर एवं नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड स्तर पर हितग्राहियों का सम्मेलन आयोजित किया था। इस आयोजन के माध्यम से पूरे प्रदेष में लगभग 1.5 करोड़ (डेढ़ करोड़) हितग्राही इन सम्मेलनों में सम्मिलित हुए। प्रदेष संगठन लगातार प्रयासरत् है कि सरकार की योजनाओं एवं संकल्पों का वाहक मध्यप्रदेष भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बने। इसके लिये प्रदेष संगठन ने पूरे प्रदेष में प्रषिक्षण वर्गो की एक लंबी श्रृंखला को सफलता पूर्वक पूर्ण किया है। इन वर्गो के माध्यम से लगभग 80,000 कायकर्ता को भाजपा की विचारधारा, इतिहास, लक्ष्य, चुनौती, कार्य संचालन, सरकारी योजनाओं से जुड़े हुए विषयों पर प्रषिक्षण दिया गया है। हाल में ही इंदौर में संपन्न प्रदेश स्तरीय प्रषिक्षण वर्ग हर दृष्टि से उपयोगी एवं प्रभावषाली रहा है। पं.दीनदयाल शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने वर्ष भर से अधिक का समय पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में दल का कार्य करने हेतु समर्पित किया है। विमुद्रीकरण के पश्चात् भारतीय अर्थव्यवस्था में उत्पन्न चुनौतियों के समाधान के लिये मुद्राविहीन विनिमय को प्रोत्साहित करने हेतु भारतीय जनता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, सूचना प्रौद्यौगिकी विभाग ने अनेक षिविरों का आयोजन कर आमजन एवं कार्यकर्ताओं को प्रषिक्षित करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। शासन के स्तर पर भी मुद्राविहिन विनिमय को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार ने कार्य दस्ता (ज्ंेा थ्वतबम) गठित किया है। सरकार अब सरकारी खजाने से सभी तरह के भुगतान मुद्राविहिन विनिमय के माध्यम से करेगी। सरकार ने सभी विद्यालय, महाविद्यालय में षिक्षण शुल्क भी इसी माध्यम से संग्रहित करने का निर्देष जारी किया है। इस कार्य के लिये पी.ओ.एस. मषीन सुगमता से उपलब्ध कराने हेतु वेट टेक्स में भी छूट दी गई है। प्रदेष कार्यसमिति अपने इन अग्रणी संगठनों एवं प्रदेष सरकार के इन प्रयासों की प्रषंसा करती है तथा विष्वास व्यक्त करती है कि प्रषिक्षित एवं गतिमान भाजपा कार्यकर्ता तथा राज्य सरकार मिलकर भ्रष्टाचार मुक्त-सुशासन युक्त प्रदेश निर्माण में प्रभावी भूमिका निभायेंगे।

समृद्ध एवं समर्थ मध्यप्रदेष-हमारा लक्ष्यः

                वर्ष 2018 मध्यप्रदेष में भाजपा कार्यकर्ताओं के लिये परीक्षा का वर्ष है इस वर्ष उनके क्रियाकलाप, आचरण व्यवहार, जन-जुड़ाव, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जैसे विषयों पर प्रदेष की जनता उनकी परीक्षा लेगी। मध्यप्रदेष के भाजपा कार्यकर्ताओं का ऐसी परीक्षाओं में अव्वल दर्जे से उत्तीर्ण होने का निरंतर रिकार्ड रहा है। विष्वास है हम भाजपा के समस्त कार्यकर्ता वर्ष 2018 की आगामी परीक्षा में भी अपने संगठन-सरकार के कुषल प्रदर्षन के आधार पर सफल होंगे। स्वर्णिम मध्यप्रदेष, विकसित मध्यप्रदेष, समस्यामुक्त मध्यप्रदेष, समृद्ध एवं समर्थ मध्यप्रदेष हमारा हमेषा लक्ष्य रहेगा।   

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दूसरे सत्र में संभागशः बैठकें आयोजित की गयी। तृतीय सत्र में कृषि प्रस्ताव पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री बंशीलाल गुर्जर ने प्रस्तुत किया। समर्थन किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत एवं पार्टी के प्रदेश मंत्री श्री बुद्धसेन पटेल ने किया।

                चौथे सत्र में नर्मदा सेवा यात्रा को लेकर पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री विष्णुदत्त शर्मा का उदबोधन, प्रशिक्षण वर्ग को लेकर प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री अरविन्द कवठेकर, जन्मशताब्दी विस्तारक वर्ग को लेकर प्रदेश मंत्री श्री पंकज जोशी एवं प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र 52 नगरपालिकाओं को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रामेश्वर शर्मा ने विस्तार से प्रकाश डाला।

                कृषि प्रस्ताव इस प्रकार है -

कृषि प्रस्ताव

भाईयों और बहनों,

         सागर की पावन धरा पर आप सभी का स्वागत, अभिनन्दन। यह भूमि हमारी नैत्री राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्म स्थली हैं। आप सभी जानते हैं कि यह दानवीर डॉ. हरिसिहं गौर की जन्म स्थली हैं। उन्होने शिक्षा के लिये अपने आप को समर्पित किया तथा जीवन की सारी कमाई जनता को शिक्षित करने के लिये लगाकर सागर विश्व विद्यालय की स्थापना की। यह लाखा बंजारा की समर्पण स्थली हैं। सागर महान चिन्तक आचार्य रजनीश की चिन्तन स्थली हैं। प्रसिद्ध कवि पदमाकर की नगरी हैं।

       भाईयों और बहनों, जब देश 1947 में आजाद हुआ तब देश की जनसंख्या 33 करोड़ के लगभग थी। 75 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गांव में रहती थी। 75 प्रतिशत नागरिक खेती करते थे। देश की जी.डी.पी. में कृषि का योगदान 60 प्रतिशत था। आजादी के बाद किसानों को उम्मीद थी की अब  हमारी सरकार बनी हैं। खेती के दिन अच्छे आयेंगे व देश की जी.डी.पी. में खेती का योगदान 75 प्रतिशत हो जायेगा। लेकिन हुआ इसका उल्टा तत्कालीन सरकारों ने देश के 75 प्रतिशत जनसंख्या के धंधे को अपने एजेण्डे में स्थान नहीं दिया,उन्होने खेती व किसानों की उपेक्षा की, परिणाम हमारे समाने हैं। देश की आजादी के 70 साल बाद भी गावों में 70 प्रतिशत जनसंख्या रहती हैं। 62 से 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आश्रित हैं। देश की जी.डी.पी. में कृशि का योगदान लगभग 14 प्रतिशत हैं। अब हम कल्पना कर सकते हैं की 65 प्रतिशत जनसंख्या 14 प्रतिशत में गुजारा करती हैं तो उनकी हालत क्या होगी।

       भाईयों और बहनों, खेती की दुर्दशा को जिस महापुरूश ने पहली बार पहचाना वो हैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री मा. अटल बिहारी वाजपेयी जी। मा. अटल जी ने अपनी सरकार के एजेण्डे में कृशि व किसान को प्रमुख स्थान पर रखा पहली बार खेती में वित्तीय प्रवाह को तेज करते हुये किसान क्रेडिट कार्ड योजना व आपदा प्रबंधन के लिये फसल बीमा योजना प्रारंभ की। हमें खुशी हैं कि मा. अटल जी की इसी परम्परा को आगे बढाने में मा. नरेन्द्र मोदी जी की नेतृत्व वाली केन्द्र की एन.डी.ए. सरकार एवं मा. शिवराजसिंह जी चौहान के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भा.ज.पा. सरकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

       भाईयों और बहनों, हम सब जानते हैं की म.प्र. की आय का प्रमुख साधन कृशि हैं। म.प्र. की कृशि एवं किसान वर्श 2003 से पूर्व असहाय थे। म.प्र. की गिनती अति पिछडे़ राज्यों में होती थी। राज्य की कृषि विकास दर राष्ट्रीय कृषि विकास दर से कम होती थी। 2003 में भा.ज.पा. सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री मा. शिवराजसिंह जी चौहान ने कृशि व किसान को सरकार के एजेण्डें में प्रमुख स्थान पर लिया। कृषि उत्पादन में सहयोगी तमाम योजनाओं पर सरकार ने तेज गति से काम किया, उसी का परिणाम हैं की आज म.प्र. की कृषि विकास दर 24.99 प्रतिशत तक पहुंची हैं।                  

       मित्रों कभी कृषि के लिये उद्योग के दर्जे की मांग की जाती रही हैं, वजह बहुत साफ हैं उद्योग में वित्तीय प्रवाह की निरंतरता (वित्तीय प्रबंधन) तथा आपदा प्रबंधन की व्यवस्था, विद्युत प्रदाय में प्राथमिकता। वित्तीय प्रवाह में ब्याज अनुदान नवीन उद्योगों को उत्पादन के आरंभिक वर्शो में विभिन्न करो से छुट आदि सुविधाएं दी जाती हैं। इसलिये किसान उद्योगों की सुविधाओं को देखकर कृशि के लिये उद्योग के दर्जे की मांग करते रहे हैं।

        भाईयों और बहनों, म.प्र. में मा. शिवराजसिंह जी चैहान के नेतृत्व वाली भा.ज.पा सरकार ने किसानों की खेती को उद्योग के दर्जे वाली भावना को समझते हुये उस पर काम करना आरंभ किया। सरकार ने उन प्राथमिकताओं को कृशि में अपनाया जो उद्योगों के प्रोत्साहन में अपनायी जाती हैं।

                वित्तीय प्रबंधन:-म.प्र. सरकार भा.ज.पा. की मा. शिवराजसिंह चैहान के नेतृत्व वाली सरकार ने कृशि में वित्तीय प्रबंधन में अभूतपूर्व काम किया हैं। कृशि में निजी निवेश के साथ-साथ शासकीय स्तर पर सहकारिता के माध्यम से ब्याज दरों को कम करते - करते अब जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर अब किसानों को कर्ज दिये जा रहे हैं। इस वर्श 15000 हजार करोड़ रूपये के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने का निर्णय म.प्र. सरकार ने लिया हैं। इससे कृशि में वित्तीय प्रवाह तेज हुआ तथा कृशि विकास का लक्ष्य प्राप्त करते हुये दलहन-तिलहन उत्पादन में देश में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। खाद्यान्न उत्पादन मे हम दुसरे स्थान पर हैं। दुग्ध उत्पादन में राश्ट्रीय वृद्धि दर 6.27 प्रतिशत हैं वही मध्यप्रदेश में वृद्धि दर 12.70 प्रतिशत रही हैं।

                निर्बाध विद्युत प्रदाय:-भा.ज.पा. सरकार से पहले कांग्रेस सरकार के समय खेती के लिये बिजली की स्थिति बहुत खराब थी। 4 घण्टे भी बिजली किसानों को नहीं मिल पा रही थी। आज म.प्र. के किसानों को निर्बाध 10 घण्टे बिजली कृशि कार्य के लिये दी जा रही हैं। निर्बाध बिजली मिलने से किसानों के काम करने का उत्साह बढ़ा हैं।

        हमारी म.प्र. सरकार ने कृशि विद्युत प्रवाह की निरंतरता के लिये 90 हजार से अधिक अस्थाई कनेक्शनों को स्थाई कनेक्शन करने के लिये 1100 सौ करोड़ से अधिक का अनुदान दिया हैं। कृशि के लिये उपयोग की जानी वाली बिजली बिलों को 2 तिहाई भुगतान म.प्र. सरकार द्वारा किया जा रहा हैं तथा सरकार ने किसानों को बिजली बिलों के भुगतान के लिये 3830 करोड़ रूपये को टेरिफ सब्सिडी के लिये बजट प्रावधान किया हैं। साथ ही 5 एच.पी. के कृशि पम्पों, थ्रेशरों तथा एक बत्ती विद्युत प्रदाय हेतु 2000 हजार करोड रू. का प्रावधान किया हैं। कृशि सिंचाई के लिये जहां आसानी से विद्युत आपूर्ति नहीं की जा सकती वहां सरकार द्वारा किसानों को सौर उर्जा के उपयोग के लिये अनुदान पर सोलर पम्प योजना लागु की जा रही हैं।

                हर खेत को पानी-हर हाथ को काम:- पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की संकल्पना हर खेत को पानी हर हाथ को काम को साकार करने के लिये भा.ज.पा नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार ने सिंचाई के लिये 6752 करोड़ रूपय, नर्मदा घाटी विकास के लिये 1212 करोड़ रूपये के बजट प्रावधान कर सिंचाई का रकबा 40 लाख हेक्टर तक पहुंचाकर हर हाथ को काम के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर तेजी से अपने कदम बढायें हैं।

                आपदा प्रबंधनः-म.प्र. देश का ऐसा राज्य हैं जहां कृशि में आपदा प्रबंधन में अग्रणीय भूमिका म.प्र. सरकार ने निभाई हैं। गत वर्श अतिवर्शा व अवर्शा के कारण फसलों की बर्बादी की आपदा प्रदेश में आयी। मा. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह जी चैहान ने आपदा के समय किसानों के बीच जाकर उन्हे भरोसा दिलाया की म.प्र. सरकार किसानों के साथ हैं। इसी भरोसे का परिणाम हैं कि किसान आपदा के समय भी मैदान में डटा रहा।

                मा. मुख्यमंत्री ने नुकसानी की परिस्थितियों को देखते हुये किसानों को 4700 करोड़ रूपये से अधिक का मुआवजा तत्काल वितरण कराया, साथ ही उन्हे भरोसा दिलाया की सरकार किसानों को फसल बीमा भी दिलायेंगी। मा. मुख्यमंत्री जी ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से 10 दिसम्बर को फसल बीमा राशि का वितरण किया व पूरे म.प्र. के लाखों किसान परिवारों को 4414 करोड़ रूपये से अधिक की फसल बीमा राशि वितरीत की गई। आज हम कह सकते हैं की  म.प्र. आपदा प्रबंधन में अग्रणी भूमिका निभा रहा हैं।

                बेहतर विपणन:-म.प्र. की भा.ज.पा सरकार उत्पादन में तो अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। साथ ही किसानों के उत्पाद की बेहतर बिक्री की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही हैं। विमुद्रीकरण के बाद पूरे देश की मण्डियों में खरीदी-बिक्री बंद हो गई, उस समय मा. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह जी चैहान ने आगे आते हुये किसानों की फसलों की खरीदी का भरोसा दिलाया, साथ ही किसानों की उपज धान सर्मथन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की। मण्डियों में अन्य फसलों की बिक्री का भुगतान निर्बाध गति से आर.टी.जी.एस., एन.एफ.टी. व चेक व्यवस्था से  सुनिश्चित कर किसानों की कृशि उपज का बेहतर विपणन सुनिश्चित किया गया हैं। हम कह सकते हैं कि म.प्र. देश का पहला ऐसा राज्य हैं जहां विमुद्रीकरण के बाद सर्वप्रथम किसानों की फसलों की बिक्री प्रारंभ हुई व सभी राज्यों ने म.प्र. का अनुसरण किया हैं।

       भाईयों और बहनों, मा. नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने कृशि में क्रांतिकारी परिर्वतन लाने के लिये महत्वपूर्ण पहलें की हैं:-

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना:-

·         किसानों को प्राकृति आपदा किट व्याधि प्रकोप आदि के कारण फसलों में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिये तथा कृषि के क्षैत्र में रिस्क मेनेजमेंट की व्यवस्था बनाने तथा वित्तिय सुदृढ़ता प्रदान करने किसानों को कृशि के माध्यम से सत्त आय प्राप्त हो तथा कृषि क्षैत्र में स्थायीत्व देने के लिये इस योजना को लाया गया हैं। इस वर्ष म.प्र. के लगभग 40 लाख किसानों ने इस योजना में भागीदारी की है।

      कृषि के लिये वित्तीय प्रबंधन:-हमारेयशस्वी प्रधानमंत्री मा. नरेन्द्र मोदी जी ने कृषि व किसानों को खेती के लिये बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिये अब तक का सार्वाधिक ऋण लक्ष्य 9 लाख करोड़ रूपये के बजट प्रावधान किये। साथ ही ब्याज अनुदान के लिये 15 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया हैं।केन्द्र सरकार ने कृशि बजट बढ़ाकर 35984 करोड़ रूपये किया गया हैं। साथ ही पानी को अपनी प्राथमिकता सूची में रखते हुये प्रधानमंत्री कृशि सिंचाई योजना को मिशन मोड पर लाते हुये इसके अधिन 28.5 लाख हेक्टेयर क्षैत्रफल को लाया गया हैं।

·         नाबार्ड में लगभग 20000 (बीस हजार करोड़) रूपये की प्रारंभिक निधि से एक समर्पित दीर्घावधिक सिंचाई निधि सृजित की गई जिससे सिंचाई योजनाओं का काम सत्त चलता रहे।

·         मनरेगा के तहत वर्शापोशित क्षेत्रों में 5 लाख फार्म तालाबों और कुओं तथा जैविक खाद के उत्पादन के लिये 10 लाख कम्पोस्ट गड्ढों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा हैं।

·         नीम कोटेड यूरिया वितरण व्यवस्था:- प्रधानमंत्री मा. नरेन्द्र मोदी जी ने यूरिया की कालाबाजारी रोकने तथा यूरिया का गैर कृषि उपयोग रोकने के लिये नीम कोटेड यूरिया किसानों को वितरण किये जाने का निर्णय किया, जिससे नीम कोटेड यूरिया की उच्च गुणवत्ता से उत्पादन बढ़ा तथा कालाबाजारी रूकी।                 

                राष्ट्रीय कृषि बाजार:- देश के कृषि विपणन को बेहतर बनाने के लिये राष्ट्रीय कृषि बाजार के साथ साझे ई-बाजार की व्यवस्था करने के लिये एकीकृत कृशि विपणन ई-प्लेटफार्म प्रारंभ किया गया। जिससे देश के किसानों को पूरे विश्व बाजार की जानकारी मिल सकेगी साथ ही विश्व बाजार के भाव भी किसान जान सकेंगे। बडे़ खरीददार भी राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़कर सीधे किसानों की कृषि उपज खरीदने का लाभ ले सकेंगे। बिचोलियों की भूमिका समाप्त होगी। किसान शोषण से छुटकारा पायेगा तथा किसानों को उनकी उपजों का अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेंगा। म.प्र. की 51 मण्डियां ई-नेम से जुड रही हैं। इससे कृशि विपणन और बेहतर होगा।

                विमुद्रीकरण एक सशक्त आर्थिक परिर्वतन:- मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 8 नवम्बर 2016 को देश के इतिहास में एक सशक्त आर्थिक कदम उठाते हुये 1000 व 500 के नोट को बंद किया इसके अन्य फायदों के साथ-साथ आर्थिक जगत में भारतीय अर्थ व्यवस्था सुदृढ़ होगी, उससे विकास तेजी से होगा। इसका लाभ किसानों को सर्वप्रथम देने के लिये मा. प्रधानमंत्री जी ने 31 दिसम्बर 2016 को देश को संबोधित करते हुये किसानों के लिये सशक्त पहलंे की  हैं:-

      1.            किसानों के कृशि ऋण पर 60 दिन का ब्याज भारत सरकार चुकायेगी। इस पहल से किसानों को लगभग 18 हजार करोड़ रूपये का लाभ होने का अनुमान हैं, जो किसानों के लिये     बड़ी सौगात हैं।

      2.            किसानों के 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड को रूपी कार्ड में बदला जायेगा।

      3.            किसानों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दिये जाने वाले कर्ज को दुगना करने के लिये 20 हजार करोड़ रूपये की अतिरिक्त व्यवस्था नाबार्ड के माध्यम से की जायेगी।

      भाईयों और बहनों, हमारी सरकारें सुगम वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बेहतर जल प्रबंधन करते हुये उत्पादन बढाने के साथ-साथ उत्पादकता बढाने की व्यवस्थाएंकर रही हैं। साथ ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ मूल्य संर्वधित मूल्य दिलाने की भी सरकारें पहलें कर रही हैं। हम पूरा विश्वास करते हैं कि हमारी सरकारों की पहलों से 2022 तक किसानों की आमदनी दुगनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। इस प्रस्ताव के माध्यम से हम प्रधानमंत्री मा. नरेन्द्र मोदी जी, मुख्यमंत्री मा. शिवराजसिंह चौहान जी को धन्यवाद देते हैं।

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