20-Sep-2018

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आयुर्वेद औषधालय में शुरू हुई 24 घंटे उपचार की सुविधा

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उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में आयुष विभाग आयुर्वेद पद्धति से साधु-संतों और श्रद्धालुओं को उपचार सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। आज से जोन स्तर पर आयुर्वेदिक औषधालय में 24 घंटे की सेवाएँ प्रारंभ हो गयी हैं। जोन स्तर पर बनाये गये स्वास्थ्य विभाग के अस्पताल में 5-5 चिकित्सक के साथ पर्याप्त संख्या में स्टॉफ नर्स, एएनएम, एमपीडब्ल्यू और लेब टेक्नीशियन तैनात किये गये हैं। इन अस्पतालों में एक-एक आयुर्वेद चिकित्सक, दो आयुषकर्मी की भी तैनाती की गयी है।

सिंहस्थ के दौरान सभी विभाग एवं सेवाओं के संबंध में श्रद्धालुओं की संतुष्टि कन्ज्यूमर सटिस्फेक्शन कार्ड द्वारा आँकी जायेगी। आयुष विभाग ने यह निर्धारित किया है कि स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होने में कितना समय लगा। औषधि गुणवत्ता, रोग उपचार, आयुष केन्द्रों पर उपचार की सुविधा तथा वहाँ मौजूद डॉक्टर्स तथा अन्य स्टॉफ का व्यवहार कैसा रहा, इन सभी मापदण्ड पर श्रद्धालुओं से पूछकर अंक दिये जायेंगे। आयुष विभाग द्वारा सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति थंब मशीन द्वारा ली जायेगी। विभाग का स्टॉफ ड्रेस-कोड और बेज के साथ उपस्थित रहेगा। अधिकारी-कर्मचारियों को अपने ड्यूटी समय में 15 मिनट पहले पहुँचने के निर्देश दिये गये हैं। औषधालय में रोगियों के बैठने के साथ शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी रहेगी। मेला कार्यालय की वेबसाइट पर आयुष विभाग की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को अपडेट किया गया है।

सजने लगे हैं देवास के गाँव

सिंहस्थ जाने के लिये देवास होकर गुजरने वाले तीर्थ-यात्रियों के लिये देवास जिले के चयनित गाँव को सजाया जा रहा है। इन गाँव में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये आश्रय-स्थल भी विकसित किये जा रहे हैं। गाँव के स्कूल की पुताई भी की गयी है। इन गाँव में विश्राम, शौचालय, स्वल्पाहार और पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में लग सकेंगी प्याऊ

सिंहस्थ के दौरान गर्मी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये 1100 आर.ओ. युक्त प्याऊ के अलावा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों को मेला क्षेत्र, सेटेलाइट टाउन, पहुँच मार्गों पर प्याऊ लगाने की अनुमति दी गयी है। इसके अलावा यदि और कोई संस्था प्याऊ लगाना चाहती है, तो वह उप मेला अधिकारी को आवेदन दे सकती हैं। मेला क्षेत्र में 750 प्याऊ प्रारंभ हो गयी हैं। तपोभूमि ट्रस्ट, मिष्ठान संघ, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, लायंस क्लब, नमकीन एसोसिएशन ने प्याऊ लगाने में सहयोग दिया है। इंदौर के एक श्रद्धालु ने प्रतिदिन बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को 10 क्विंटल पोहे तैयार कर नि:शुल्क वितरण करने की इच्छा व्यक्त की है।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 10 हजार क्विंटल आटा उपलब्ध

उज्जैन में 22 अप्रैल से 21 मई तक होने वाले सिंहस्थ के लिये खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा खाद्यान्न वितरण शुरू कर दिया गया है। साधु-संतों को रियायती दरों पर शक्कर, चावल, गेहूँ का आटा तथा रसोई गैस सिलेण्डर उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकान संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में सामग्री भण्डारित की गयी है। पहले चरण में खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा 10 हजार क्विंटल गेहूँ पिसवाया गया है। गेहूँ पिसवाने की व्यवस्था पीथमपुर में की गयी है। सिंहस्थ मेला अवधि में 60 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का आटा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गयी है।

उज्जैन में अभी 2 हजार मीट्रिक टन चावल और 1000 मीट्रिक टन शक्कर सिंहस्थ मेला क्षेत्र में भण्डारित की गयी है। साधु-संतों को 14.2 किलोग्राम रसोई गैस के प्रत्येक सिलेण्डर पर 100 रुपये सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी लेने के लिये बैंक खाता नम्बर और पासबुक की फोटोकॉपी उपलब्ध करवाना होगी। मेला क्षेत्र में अब तक 2000 रसोई गैस सिलेण्डर का उठाव हो चुका है।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा 2000 राशन-कार्ड बनाये जा चुके हैं। विभाग द्वारा निरंतर राशन-कार्ड बनान का काम किया जा रहा है। सिंहस्थ के 13 अखाड़ों के लिये बनाये गये राशन-कार्डों में अधिकतम 5-5 हजार सदस्यों की संख्या दर्ज की गयी है। अन्य पंडालों के लिये बनाये गये राशन कार्डों में कम से कम 50 से लेकर अधिकतम 2 से 3 हजार तक की सदस्य संख्या सामने आयी है। विभाग द्वारा भूखण्डों पर जाकर इसका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद ही राशन-कार्ड बनाये जा रहे हैं। यह जरूर देखा जा रहा है कि पंडाल लगा है या नहीं।

सार्वजनिक परिवहन के स्टॉपेज तय

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचेंगे। श्रद्धालुओं को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके, इसके लिये 16 स्थान से परिवहन रूट निर्धारित कर लिये गये हैं। सार्वजनिक वाहन निर्धारित स्टॉपेज पर 2 मिनट रुकेंगे। सार्वजनिक परिवहन के रूट का जन-हित में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

रतलाम-उज्जैन मार्ग पर चलेंगी स्पेशल ट्रेन

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए रतलाम से उज्जैन मार्ग के लिये 7 स्पेशल ट्रेन चलेंगी। इस मार्ग पर पूर्व से 14 ट्रेन चल रही हैं। अंतिम शाही स्नान के दिन रेलवे ने रतलाम में 9 और विशेष ट्रेन चलाने की व्यवस्था की है। यात्रियों की सुविधा के लिये रतलाम रेलवे स्टेशन पर व्यापक इंतजाम भी किये गये हैं।

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