21-May-2018

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नोटबंदी से पड़ा देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर: अरूण यादव

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कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ जीएडी चौराहे पर किया धरना-प्रदर्शन    

भोपाल 06 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव के आव्हान पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तुगलकी आदेश नोटबंदी के खिलाफ जमकर हल्ला बोला और धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। भोपाल में जिला कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित नोटबंदी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, अभा कांग्रेस के सचिव राकेश कालिया, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश पचौरी, दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदरसिंह लवली, प्रभारी प्रत्यूष शर्मा और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मांडवी चौहान सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा गरीब आदमी परेशान हुआ है, युवाओं को रोजगार मिलने की बजाय उनके रोजगार छीने जा रहे हैं, जिससे उनका जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने नोटबंदी को अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम होने की बजाय शिक्षा, चिकित्सा के साथ महंगाई में भी बेतहाशा बृद्धि हुई है, जिससे आम आदमी की कमर पूरी तरह टूट गई है। 

अभा कांग्रेस के सचिव राकेश कालिया ने कहा कि सरकार को उद्योगपति मित्रांे की ज्यादा चिंता है, आम आदमी की नहीं। प्रधानमंत्री कालेधन पर चुप्पी साधे बैठे हैं, नोटबंदी से देश के बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रूपये माफ किए जा रहे हैं और जनता को लाइन में खड़ा किया जा रहा है, नगद भुगतान न मिलने के कारण गरीब-मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है, जिससे उनके काम-धंधे छूट गये हैं और वे दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो रहे हैं। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने नोटबंदी को देश के गरीब, किसान, मजदूर, दुकानदारों, मध्यम तथा छोटे कारोबारियों पर एक सर्जिकल स्ट्राईक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 1 प्रतिशत कालाधन धारकों को पकड़ने के लिए 99 फीसदी देशवासियां पर मुसीबत का पहाड़ तोड़ दिया है, जिससे पूरे देश में आर्थिक अराजकता छा गई है।

वहीं अरविंदरसिंह लवली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस तुगलकी आदेश को देश के गरीब-मध्यमवर्गीय लोगों के साथ हुई तानाशाही बताते हुए कहा कि यह सरकार गरीबों की नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपतियों की सरकार है। महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती मांडवी चौहान ने कहा कि नोटबंदी ने महिलाओं के घरों और उनके सपनों को चकनाचूर किया है, आड़े वक्त के लिए काम आने वाले खून-पसीने से कमाये दो-दो रूपये जोड़कर रखे पैसों को हम अपना नहीं कह सकते। गरीबों की पाई-पाई का हिसाब सरकार अब अपने पास रखना चाहती है। 

धरना-प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस के संगठन महमंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, पी.सी. शर्मा, अवनीश भार्गव, ओम रघुवंशी, मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा, पूर्व ननि  अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, प्रवक्ता जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, विभा पटेल, सैयद साजिद अली, दीप्तिसिंह, दुर्गेश शर्मा, संगीता शर्मा, ननि नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर, दीपचंद यादव, आर.डी. त्रिपाठी, पार्षदगण गुडडू चौहान, मीना यादव, संतोष कंसाना, गिरीश शर्मा, रईसा मलिक, सोनू भाभा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कांग्रेस ने किया सरपंच-सचिवों की हड़ताल का समर्थन, की वनमंत्री शेजवार के तानाशाही बयान की कड़ी आलोचना   

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने प्रदेश काबीना के वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार के उस बयान ‘‘सरपंचों की भाजपा मंडल अध्यक्ष से लिस्ट बनवाता हूं और तुम्हारी पंचायत की जांच करवावर तुम्हें जेल भिजवाता हूं’’ को तानाशाही का प्रतीक बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस पार्टी ने पंचायत सरपंच-सचिवों द्वारा की जा रही मांगों और हड़ताल का समर्थन करते हुए उनकी जायज मांगों को शीघ्र पूरी किये जाने का भी आग्रह किया है।  

यादव ने कहा कि बुधवार को वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों के समाधान की आस लगाए पंचायत सरपंच-सचिवांे को मंत्री के इस बयान के बाद केवल निराशा ही हाथ लगी है, जिससे मंत्री श्री शेजवार के बयान को लेकर वे और अधिक आक्रोशित हो गये है, हड़तालरत भाजपाई सरपंचों ने शेजवार के बयान पर कार्यवाही किये जाने की पार्टी हाईकमान से मांग की है, जिससे पंचायतों का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। 

यादव ने कहा कि कोई भी संगठन अपनी मांगों को लेकर अपने विभाग के मंत्री के पास ज्ञापन प्रस्तुत करता सकता है, किन्तु उनकी मांगें नहीं मान सकते तो उन्हें जलील करने और डराने-धमकाने का अधिकार भी मंत्री को नहीं है। वनमंत्री शेजवार का यह कृत्य बेहद तानाशाही पूर्ण रवैया है। यादव ने कहा कि भाजपा राज में भाजपाई नेता और मंत्री तानाशाही पूर्ण रवैया अख्तियार कर रहे है, गरीब-मध्यमवर्गीय लोगों पर अपना प्रभाव और दबाव डालकर खुले आम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पंचायत सरपंचों-सचिवों की मांगों का शीघ्र निराकरण करें और ऐसे बेतुके बयान देने वाले मंत्री श्री शेजवार को मंत्री पद से बर्खास्त करे।

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