20-Nov-2018

 राजकाज न्यूज़ अब आपके मोबाइल फोन पर भी.    डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करें

ब्रिटिश सिक्योरिटी फर्म ने हैक की Mitsubishi Outlander

Previous
Next
वाई-फाई की मदद से पाया अलार्म सिस्टम
लाइट्स और बैटरी सैटिंग्स पर कंट्रोल
 
जालंधर : कार को हैक करने की जब बात आती है तो ज्यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन अगर कार हैक हो जाए तो यह खतरनाक भी हो सकता है। आजकल ज्यादा से ज्यादा कारें नई टैक्नोलॉजी से लैस हैं और ऐसे में किसी कार के हैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक ब्रिटिश सिक्योरिटी फर्म ने इस बात को बखूबी समझा है और मित्सुबिशी की आऊटलैंडर प्लग-इन हाईब्रिड में गंभीर असुरक्षा ढूंढी है।

वाई-फाई की मदद से हैक हुई आऊटलैंडर

पेन टैस्ट पार्टनर्स एलएलपी ने पाया कि आऊटलैंडर प्लग-इन हाईब्रिड (पी.एच.ई.वी.) से कनैक्ट होने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां बहुत से मोबाइल एप्स कार और फोन के बीच सम्पर्क बनाने के लिए इंटरनैट का प्रयोग करते हैं, वहीं मित्सुबिशी डायरैक्ट वाई-फाई कनैक्शन का इस्तेमाल करती है। इसमें एक कमजोर पासवर्ड भी काम करता है जिसे हैकर आसानी से हैक कर व्हीकल की सैटिंग्स का एक्सैस पा सकते हैं।
 

    हैक करने पर इन फीचर्स का कंट्रोल लिया अपने हाथ
    बैटरी को चार्ज करने की सैटिंग्स का एक्सैस।
    हैडलाइट्स को ऑन करना।
    अलार्म सिस्टम को खराब करना।
    कार के लॉक को कंट्रोल करना आदि।

 
मित्सुबिशी ढूंढ रही है समस्या का हल

पेन टैस्ट पार्टनर्स ने कहा कि उन्होंने इस खामी के बारे में मित्सुबिशी को बताया है। अब मित्सुबिशी के यू.के. ऑफिस  ने  दावा किया है कि वह इस समस्या का हल ढूंढने के लिए काम कर रहे हैं। फिलहाल कम्पनी ने आऊटलैंडर प्लग-इन हाईब्रिड को वापस बुलाने के लिए कोई जानकारी नहीं दी लेकिन इस समस्या के कारण कम्पनी को लगभग 1 लाख आऊटलैंडर प्लग इन हाईब्रिड कारों को वापस बुलाना पड़ेगा।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    अमरीकी कार कम्पनी क्रिसलर हैकिंग के डर से 1.4 मिलियन कारों को कर चुकी है फिक्स।
    सिक्योरिटी फर्म क्तद्बद्धशश 360 ने कहा था कि टैस्ला मॉडल एस के कुछ फंक्शनों पर हैकर अपना कंट्रोल कर सकते हैं।
    मॉडल एस के मालिन ने भी इसे हैक किया था और कम्पनी को इसके बारे में आगाह भी किया था।

 
वाई-फाई सिस्टम को रखें बंद

जब तक इस समस्या का कम्पनी द्वारा कोई हल नहीं ढूंढ लिया जाता तब तक पेन टैस्ट पार्टनर्स ने आऊटलैंडर प्लग-इन हाईब्रिड इस्तेमाल करने वालों को सलाह दी है कि कार के वाई-फाई सिस्टम को स्लीप मोड में रखें। हालांकि इससे मोबाइल की मदद से कार का एक्सैस नहीं मिल पाएगा लेकिन इससे आऊटलैंडर के चोरी होने या हैक होने का खतरा कम रहेगा।

Previous
Next

© 2015 Rajkaaj News, All Rights Reserved || Developed by Workholics Info Corp

Total Visiter:6883881

Todays Visiter:3233