18-Oct-2018

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मध्य प्रदेश: सीएम शिवराज ने कहा- नहीं बदलेगा रूख, पद्मावत फिल्‍म पर रहेगा बैन

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पद्मावत का सेंसर बोर्ड के बाहर विरोध, कर्णी सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार

पद्मावती का नाम बदलकर भले ही ‘पद्मावत’ हो गया हो लेकिन कई स्‍थानों पर इस पर बैन जारी रहेगा।  इधर राजस्‍थान और गुजरात के बाद अब मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री ने भी बैन को जारी रखने की बात कही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपना फैसला बताते हुए कहा कि नाम बदल देने से हमारा रुख नहीं बदल जाएगा। जब तक फिल्म में से विवादस्पद चीजें नहीं हटाई जातीं तब तक सरकार का यही रुख रहेगा। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यदि फिल्म से विवादस्पद दृश्य हटाए जाते हैं तो रिलीज किए जाने के बारे में विचार किया जा सकता है। मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान और गुजरात में भी भाजपा की सरकार है। इनमें से दो राज्यों मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि भाजपा शासित गोवा में पर्रिकर सरकार ने ‘पद्मावत’ को रिलीज किए जाने की हरी झंडी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर महीने में फिल्म ‘पद्मावती’ पर उठे विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री चौहान ने एक कदम आगे बढ़कर रानी पद्मावती को राष्ट्रमाता तक की उपाधि दे डाली थी।

पद्मावत का सेंसर बोर्ड के बाहर विरोध, कर्णी सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार

राजस्थान की कर्णी सेना के 70 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को आज केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने के सिलसिले में हिरासत में लिया गया. ये कार्यकर्ता फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म “पद्मावत” को रिलीज करने की इजाजत देने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कर्णी सेना के 30 से ज्यादा समर्थकों को हाजी अली से गिरफ्तार किया गया.
 
जोन दो के पुलिस उपायुक्त ध्यानेश्वर चव्हान ने बताया, “ पुलिस की अनुमति के बिना सीबीएफसी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्णी सेना के 70 से ज्यादा समर्थकों को दक्षिणी मुंबई के कुमबल्ला पहाड़ी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया.” संस्थान द्वारा विरोध प्रदर्शन की धमकी दिए जाने के बाद कार्यालय के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था. फिल्म को रिलीज करने के सीबीएफसी के फैसले पर विरोध जताते हुए कर्णी सेना के एक नेता ने कहा, ‘‘केवल फिल्म का नाम बदल देना काफी नहीं है. ब्रिटिश काल से काम कर रहे सीबीएफसी को यह नहीं मालूम कि काम कैसे करते हैं.” कर्णी सेना ने सीबीएफसी के प्रमुख प्रसून जोशी के इस्तीफे की भी मांग की है. सीबीएफसी ने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने के साथ ही उसमें कई बदलाव करने के सुझाव दिए थे. इनमें फिल्म का शीर्षक बदले जाने को भी कहा गया था.

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