19-Jan-2019

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खालसा ने जय जवान-जय किसान को रग-रग में बसाया-अमित शाह

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गुरू गोविंद सिंह की बलिदानी परंपरा स्तुत्य है- शिवराज सिंह चौहान

जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी ने मानवता और राष्ट्रीय अखण्डता के लिए जो योगदान दिए वह कभी विस्मृत नहीं किये जा सकते। आज 350 वर्ष बाद भी गुरूजी के जीवन पर्यन्त संघर्ष और बलिदान का चित्र भारत में देशभक्त योद्धाओं के लिए चरित्र निर्माण का प्रेरणा स्त्रोत बना हुआ है।

आज यहां गुरू गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि गुरू गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना कर देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो सफल प्रयास किया वह अभिनंदनीय और सर्वकालीक उपयोगिता का दर्शन है। गुरू गोविंद सिंह के बलिदान का पुण्य स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जीवन विश्व मानवता के लिए एक संदेश है। वे हजारों वर्ष तक राष्ट्रपे्रमियों के लिए आलोक स्तंभ के रूप में आलोकित रहेंगे। गुरू गोविंद सिंह का साहित्य बेजोड़ है, उनकी साहित्यिक प्रतिभा, आध्यात्मिक सोच और मानवता के प्रति संवेदना का मिश्रण दुर्लभ है। उन्होंने जाति-पाति, भेद-भाव को भुलाकर समाज की एकता और देश की अखण्डता बनाएं रखने के लिए न्याय की स्थापना और नैतिकता के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष किया और शहादत दी। उसे भुलाया नहीं जा सकता है।

अमित शाह ने खालसा परंपरा के मानवतावादी दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने संकट के समय ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा दिया। इतिहास गवाह है कि इस नारे को सिखों ने सफलतापूर्वक जीकर देश की सीमाओं की सुरक्षा और अन्न की आत्म निर्भरता के रूप में प्रमाणित किया है। राष्ट्र उनके प्रति आभारी है कि और उनसे प्रेरणा लेता है। उन्होंने कहा कि हमारा सीना गर्व से फूल जाता है, जब हम देखते हैं कि राष्ट्र की सुरक्षा में बलिदान देने में सिख समुदाय अव्वल नम्बर पर रहा है। हम उनकी बहादुरी के प्रति श्रद्धावनत हैं। गुरू गोविंद सिंह ने खालसा के रूप में जो बीजांकुर किया था वह आज वटवृक्ष की तरह फैल चुका है और सभी को छाया का शीतल स्पर्श दे रहा है। हमें उनके उत्साह, परिश्रम, मानवीय व्यवहार, सेवा की तासीर और बलिदान भावना का अनुसरण करने की आवश्यकता है।

अमित शाह ने कहा कि देश और दुनिया में पंथ स्थापना की विभिन्न कल्पनाएं सामने आईं हैं, लेकिन व्यवहार में पंथ परस्पर एकता के सूत्र में कम ही बांध पायें हैं, लेकिन खालसा पंथ में विलक्षण विशिष्टता है कि वह भेद-भाव भुलाकर सभी को समादर पूर्वक अपने में समेटने की क्षमता रखता है। मानवतावादी कौम की कल्पना को साकार करता है। यह राष्ट्रीय एकता की अनुपम भेंट है। श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की अनेक प्रांतों में सरकार हैं। केंद्र में भी भारतीय जनता पार्टी और साथी दलों की सरकार हैं। जब दशम गुरू गोविंद सिंह का 350वां प्रकाश उत्सव आया तब कें्रद सरकार ने तय किया कि देश के हर कोने-कोने में 350वां प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया जायेगा। देश भर में प्रकाश उत्सव मनाने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें मैं स्वयं भी हॅू। इस कमेटी ने गुरू गोविंद सिंह जी के जीवन से जुड़े स्थानों एवं उनके संदेशों को प्रचारित और प्रसारित करने की योजना तैयार की है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रू. की राशि निश्चित की है। उन्होंने कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी का जीवन न केवल भारत के लिए अपितु पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। कोई व्यक्ति अपने देश के लिए कैसे जी सकता है, कोई व्यक्ति सामाजिक सुधार कैसे कर सकता है, कोई व्यक्ति समाज को कैसे एक कर सकता है, यह गुरू गोविंद सिंह जी के जीवन से सीखा जा सकता है। कोई व्यक्ति देश के लिए कैसे बलिदानी हो सकता है और अपने पूरे परिवार का बलिदान कैसे कर सकता है। यह हम गुरू गोविंद सिंह जी के जीवन से प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने जन-जन से आग्रह किया कि वे गुरू गोविंद सिंह के साहित्य को पढ़कर अपने जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करें।
1984 के दंगों से पीड़ित कोई भी परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा
     

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरू गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व के अवसर पर संस्कारधानी में एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गुरू गोविंद सिंह ने तत्कालीन मुगलों के अत्याचारों का बहादुरी के साथ विरोध किया और न्याय, नैतिकता के लिए जीवनपर्यन्त संघर्ष करते हुए प्राणों का बलिदान किया। उनकी राष्ट्र के प्रति निष्ठा भावना, देश प्रेम, मानव स्वातंत्र्य और देश की एकता, अखण्डता अभिनंदनीय है। हम उनके प्रति श्रद्धानत हैं, उन्होंने गर्व पूर्वक कहा कि जब-जब समाज और देश पर संकट आया है, खालसा सिंख समुदाय कत्र्तव्य में कभी पीछे नहीं रहा। हम उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जिस श्रद्धा भाव से 350वें प्रकाश पर्व को वर्ष भर मनाने की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश भी पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने  कहा कि सिखों की आस्था के जो केंद्र स्थल हैं उन्हें मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और जो जिज्ञासु इन तीर्थ स्थलों में पहुंचना चाहेंगे, उसके लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि हमें 1984 की दुखद घटनाएं याद हैं, जो मन को कचोटती हैं। मध्यप्रदेश में उन घटनाओं से पीड़ित कोई भी परिवार हमारी श्रद्धा और सहानुभूति का पात्र रहेगा उसे हर संभव सहायता देना हमारा कत्र्तव्य है। उन्होंने आग्रह किया कि यदि कोई मामला उपेक्षा का शिकार हुआ है तो उसकी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री को दी जा सकती है।
     

इस अवसर पर संगत का आयोजन किया गया और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नंदकुमार सिंह चैहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, महाकौशल प्रांत संगठन मंत्री अतुल राय, सांसद राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री शरद जैन, सत्येन्द्र पाठक, कार्यक्रम संयोजक हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, विधायक अंचल सोनकर, अशोक रोहाणी, जीएस ठाकुर, महापौर स्वाति गोडबोले सहित पार्टी के पदाधिकारी बड़ी संख्या में संगत में श्रद्धापूर्वक भाग लिया और गुरू ग्रंथ का श्रवण किया।

दिल्ली से पधारे मंजीत सिंह के प्रति अमित शाह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जबलपुर आकर गुरू गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व में भाग लेने का सुअवसर मंजीत सिंह की प्रेरणा से ही मिला है। हम आज के अवसर पर सिख समुदाय की बलिदानी परंपरा को बारंबार नमन करते हैं।

गरीबी हटाओं, गरीबों का स्तरोन्नयन भाजपा का पुनीत अनुष्ठान औरों की तरह वोट बैंक सियासत नहीं- नंदकुमारसिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीबी मिटाने के संकल्प ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के उन मार्मिक शब्दों का पुण्य स्मरण करा दिया है कि गरीबों की सेवा वास्तव में भगवान की आराधना है। सेवा के इस अवसर का भरपूर लाभ उठाकर जीवन का धन्य किया जाना चाहिए। वैसे गरीबी उन्मूलन, गरीबी हटाओ के नाम पर सियासत अब तक हुई है। क्योंकि उनके लिए गरीबी हटाओं महज नारा और वोटों  की सियासत का जरिया था। लेकिन नरेंद्र मोदी ने अपने अढ़ाई बरस के सफरनामे में गरीबों के लिए जनधन योजना से कार्य आरंभ कर गरीबों के लिए बैंक के द्वार उन्मुक्त कराये। उन्हें दुर्घटना बीमा के दायरे में लाया गया। गरीबों, महिलाओं, मध्यम वर्गीय परिवारों, बुजुर्गों के कल्याण की योजनाएं आरंभ की। मुद्रा बैंक योजना के जरिए गरीबों को कर्ज की व्यवस्था कर उनको आर्थिक संबल दिया है।

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