02-Apr-2020

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कपिल मिश्रा का दावा – जो मुझे अरेस्ट करवाना चाहता था, उसकी नौकरी गई

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नई दिल्ली. भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि जो अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करवाना चाहता था उसे नौकरी से निकाल दिया गया है. दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) में अधिकारी आशीष जोशी (Ashish Joshi) के निलंबन के तुरंत बाद मिश्रा ने एक ट्वीट में ये दावा किया. दरअसल दूरसंचार विभाग में अधिकारी आशीष जोशी  को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया, हालांकि इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई गई है. बता दें आशीष जोशी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भाजपा नेता कपिल शर्मा के भड़काऊ बयान वाले वीडियो के खिलाफ पत्र लिखकर शिकायत की थी. दूरसंचार विभाग के सूत्रों के मुताबिक जोशी को उनके पद का गलत इस्तेमाल करने और अपने आधिकारिक लेटरहेड से शिकायत करने के आरोप में निलंबित किया गया है. जोशी को यह सस्पेंशन ऑर्डर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल ओपी जैरथ की ओर से भेजा गया है.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा था पत्र
आईएएस आशीष जोशी ने सोमवार को दिल्ली के पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को एक पत्र लिखा था जिसमें कि उन्होंने "उत्तेजक और भड़काऊ और घृणा फैलाने" वाले वीडियो के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया था. शिकायत में यह भी कहा गया था कि मिश्रा की क्लिप ने कश्मीरियों पर हमला नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश का "उल्लंघन" किया है.

दूरसंचार विभाग के सहायक महानिदेशक ओपी जैरथ ने जोशी का निलंबन आदेश जारी किया, जिसमें केवल यह कहा गया कि विभाग जोशी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है, और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.

जोशी 1992 बैच के भारतीय डाक और दूरसंचार लेखा और वित्त सेवा के अधिकारी हैं.

मिश्रा ने वीडियो में की थी ये टिप्पणी2.18 मिनट की क्लिप में मिश्रा कहते हैं, "हम देशद्रोही टिप्पणी करने वाले देशद्रोहियों के खिलाफ युद्ध छेड़ेंगे." उन्होंने यह भी कहा कि "उन्हें अपने घरों से घसीटकर सड़कों पर लाया जाएगा."

इसके बाद मिश्रा ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और कमल हासन, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू, वकील प्रशांत भूषण, पत्रकार बरखा दत्त और शेहला राशिद के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया. उन्होंने द कारवां पत्रिका के एक लेख का उल्लेख किया है, जिसमें पुलवामा आतंकी हमले में मारे गए जवानों की जाति के आधार पर प्रोफाइल लिखी गई थी और इसमें यह भी कहा गया था कि कुछ रिपोर्ट्स हैं जो पत्थरबाजों को निर्दोष बताती हैं.

ट्वीट कर किया दावा
जोशी के निलंबन के तुरंत बाद, मिश्रा ने एक ट्वीट में वकील प्रशांत भूषण, शेहला राशिद, कविता कृष्णन और आशुतोष को टैग किया और कहा, "जिस व्यक्ति का फर्जी पत्र आप मुझे गिरफ्तार करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे उसे निलंबित कर दिया गया है."

साभार- न्‍यूज 18

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