20-Aug-2018

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कांग्रेस ने सरावगी-पाठक की संबद्धता को दर्शाने वाले तीन और फोटो किये जारी

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मुख्यमंत्री पर फिर की प्रश्नों की बौछार 

भोपाल 14 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कटनी जिले के 500 करोड़ रूपयों के हवाला मामले में आरोपित कोयला कारोबारी सतीश-मनीष सरावगी से शिवराज मंत्रिमण्डल में राज्यमंत्री श्री संजय पाठक की पूरी प्रामाणिक संलिप्तता के बावजूद भी आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्यमंत्री पाठक के इस्तीफे या उन्हें हटाये जाने की अटकलों को यह कहकर नकार दिये जाने पर कि ‘‘आरोपों के आधार पर किसी को नहीं हटायेंगे’’ को राजनैतिक बेशर्मी की अक्षम्य पराकाष्टा बताया है। सरावगी बंधुओं-संजय पाठक की निकटता को एक बार फिर उजागर करते हुए कांग्रेस पार्टी ने आज तीन फोटो और जारी कर अब यह कहा है कि ‘‘आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण व प्रामाणिक दस्तावेज उजागर किये जायेंगे।’’
कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्य प्रवक्ता मिश्रा ने मुख्यमंत्री से आज एक बार फिर निम्न प्रश्नों की बौछार कर उनका उत्तर चाहा है:-

    क्या यह सच नहीं है कि 9 जनवरी, 17 की मध्यरात्रि तत्कालीन एसपी श्री गौरव तिवारी द्वारा 26 बोरों में भरकर सरावगी बंधुओं की फर्म एस.के. मिनरल्स सहित 42 फर्मो की जिन 500 फाईलों को एक लोडिंग रिक्शे में, जिन्हें कहीं ले जाया जा रहा था, को पकड़ा था? क्या इन फाईलों में राज्यमंत्री संजय पाठक की आनंद माईनिंग कॉपोरेशन से संबद्ध फाईल नहीं है?
    ‘‘नीर निधि’’ नाम की कंपनी के संचालक मंडल में संचालकगण कौन-कौन हैं, कंपनी का नाम ‘‘नीर निधि’’ क्यों रखा गया?
    मुख्यमंत्री जी, बीते गुरूवार 12 जनवरी को आपने ही कहा था कि इसकी जांच का अधिकार पुलिस को नहीं है। लिहाजा, राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच की सिफारिश की है। आज आपके ही द्वारा यह क्यों कहा गया कि हवाला कांड की जांच पुलिस और ईडी दोनों करेगी?
    मुख्यमंत्री जी, आपका यह कहना कि आरोपों के आधार पर किसी को नहीं हटायेंगे, जब डम्पर कांड और व्यापमं महाघोटाले में आपके ही नेतृत्व में सबूतों को नष्ट करने का खेल खेलने के बाद इस प्रकरण में भी जांच प्रक्रिया से संबद्ध महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फाईल के महत्वपूर्ण दस्तावेज आपके ही निर्देश पर पुलिस मुख्यालय में जांच अधिकारी को बुलवाकर अपने कब्जे मंे ले लिये गये हों, तो अब आरोप कैसे साबित होंगे? जब आरोप ही साबित नहीं होंगे, तो संजय पाठक को नहीं हटाया जायेगा? क्योंकि आप इस बात से भलिभांति परिचित हैं कि यदि पाठक को हटा दिया गया तो अगला निशाना सिर्फ और सिर्फ आप ही होंगे, यह संभावित भय ही श्री संजय पाठक को आपके द्वारा दिये जा रहे संरक्षण का मूल कारण है?

    मुख्यमंत्री, आखिरकार अपने राज्यमंत्री संजय पाठक की हवाला कांड में आरोपित सरावगी बंधुओं के साथ तमाम प्रामाणिक संलिप्तताऐं पाये जाने के बावजूद भी आप किस मजबूरी के तहत उन्हें बचा रहे हैं?

मिश्रा ने कहा कि आज दिया गया मुख्यमंत्री का बयान भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में उनके दोहरे राजनैतिक चरित्र को दर्शा रहा है, क्यांेकि शिवराज सरकार ने ही कांग्रेस पार्टी के सहयोग से वर्ष 2011 में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने की वचनबद्धता के साथ प्रदेश विधानसभा में एक अधिनियम पारित करवाया था, जो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अध्यादेश के रूप में तब्दील हुआ। हालाकि उसके सकारात्मक परिणाम आज तक प्रदेश की जनता ने नहीं देखे हैं? भ्रष्टाचार को ही लेकर देश में नंबर-1, बन चुके मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लगातार ‘‘जीरो टॉलरेंस’’ की दुहाई दे रहे हैं और हाल ही में उन्होंने मंत्रिपरिषद की संपन्न बैठक के बाद यह भी कहा था कि अब किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार होने पर अधिकारी के साथ मंत्री भी जवाबदेह होगा। नोटबंदी के बाद देश के सबसे बड़े 500 करोड़ रूपयों से अधिक के हवाला कांड के प्रामाणिक आरोपित राज्यमंत्री पाठक के बचाव में आज दिया गया बयान भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री के किस राजनैतिक चरित्र को परिभाषित कर रहा है, स्पष्ट होना चाहिए?

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