18-Sep-2018

 राजकाज न्यूज़ अब आपके मोबाइल फोन पर भी.    डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करें

अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन को लेकर प्रायश्चित यात्रा निकालें मुख्यमंत्री: के.के. मिश्रा

Previous
Next

भोपाल 07 दिसम्बर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने आगामी 11 दिसम्बर-16 से 05 मई-2017 तक राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित 144 दिवसीय ‘‘नमामि देवी नर्मदे’’ सेवा यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे इस यात्रा को निकालने के पूर्व माँ नर्मदा के तटीय रेत घाटों से करोड़ों-अरबों रूपयों के हुए अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन को लेकर एक प्रायश्चित यात्रा भी निकालें, जिसमें इस बात को भी सार्वजनिक किया जाये कि यह अवैध कार्य करने वाले प्रभावी, चिन्हित व नामचीन चेहरे कौन है और इन्हें किनका संरक्षण प्राप्त हो रहा है?

मिश्रा ने कहा कि गत् 01 दिसम्बर, 16 को मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में इस आयोजन को लेकर राजधानी के प्रशासनिक अकादमी में नर्मदा सेवा यात्रा-2016 की कार्ययोजना तय करने के लिए संपन्न राज्य-स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि ‘‘नर्मदा मध्यप्रदेश को जीवन देती है, इसके लिए नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि नर्मदा कि लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें।’’ यह शब्द माँ नर्मदा के सम्मानार्थ तो स्तुत्य है, किन्तु मुख्यमंत्री जी के ही गृह जिले सीहोर, इटारसी, इछावर, नसरूल्लागंज, छीपानेर, शाहगंज, बुधनी, होशंगाबाद, आंबाजदीद, मंडी, सातदेव, सीलकंठ, नीलकंठ, बडगांव और डिमावर के तटीय रेत घाटों से प्रतिदिन 800 से 1000 ट्रक-डम्पर अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। इनसे संबद्ध घाटों पर 30 से 50 पोकलीन और जेसीबी मशीनें न केवल चल रही हैं, बल्कि 1200 नावें, 500 से अधिक हाईवा व ट्रक, इससे अधिक ट्रेक्टर-ट्राली और लगभग 3 से 4 हजार मजदूर इस अवैध कारोबार को अंजाम देते हुए निरंतर दिखाई दे रहे हैं। रेत माफियाओं ने रेत चोरी करने के लिए सीहोर जिले की सीमा जोशीपुर-जर्रापुर की ओर नर्मदा नदी पर 600 मीटर लंबा अस्थायी पुल भी बना दिया है। जहां से रात-दिन ट्रालिया-डम्परों की आवाजाही व यह भयावह आपराधिक दृश्य देखा जा सकता है। जीवन दायिनी ‘माँ नर्मदा’ के प्रति सम्मान दिये जाने की गुजारिश करने वाले मुख्यमंत्री जी क्या कृपापूर्वक यह भी बतायेंगे कि उक्त वर्णित राजनैतिक संरक्षण प्राप्त अपराध को रोकने की जिम्मेदारी भी किसकी है और राज्य सरकार ने इसे रोकने के लिए अपने किन और कौन से कर्तव्यों का पालन किया है? यही नहीं, मुख्यमंत्री जी यही भी सार्वजनिक करें कि माँ नर्मदा नदी से इस रेत के अवैध भंडारण, उत्खनन, परिवहन और कालाबाजारी करने वाला यह समूह आखिरकार कौन है?

मिश्रा ने मुख्यमंत्री जी से यह भी जानना चाहा है कि इन उक्त उल्लेखित स्थानों से बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों-डम्परों पर चौहान इंटरप्राईज व चौहान ब्रदर्स लिखा हुआ है। इन वाहनों के स्वामी कौन है, इससे जुड़े एस.एस. चौहान, तुलाराम चौहान, प्रद्यम्नसिंह चौहान, बबलू चौहान और ए.पी.एस. चौहान (पटेल) कौन, किसके रिश्तेदार है, सार्वजनिक होना चाहिए। मिश्रा ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि वे अपनी उक्त प्रास्तावित यात्रा के दौरान रेत माफियाओं द्वारा अवैध परिवहन कर ट्रक-डम्परों से टक्कर मारकर मौत के घाट उतारकर इसकी रोकथाम करने वाले पुलिस, वन और खनिज अधिकारियों/ कर्मचारियों को श्रद्धांजलि भी दें।

अरूण यादव ऐतिहासिक डेली कॉलेज, इंदौर में मुख्य अतिथि होकर ‘‘आर.एन. जुत्सी अवॉर्ड’’ से भी नवाजे जायेंगे

पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और इंदौर स्थित प्रदेश के ख्याति प्राप्त ऐतिहासिक व प्राचीन डेली कॉलेज के छात्र रहे श्री अरूण यादव डेली कॉलेज में   9 एवं 10 दिसम्बर को आयोजित दो दिवसीय वार्षिक समारोह में 9 दिसम्बर को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। यही नहीं इस गरिमामयी समारोह के दूसरे दिन 10 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे उन्हें ‘‘आर.एन. जुत्सी अवॉर्ड’’ से भी उन्हें नवाजा जायेगा। मैक्सिको की राजदूत एच.ई. मेल्बा प्रिया समारोह की मुख्य अतिथि होंगी। 

उल्लेखनीय है कि इंदौर का ऐतिहासिक डेली कॉलेज एक प्रसिद्ध व प्राचीन शिक्षण संस्थान है, जहां से कई राष्ट्रीय धरोहर जिनमें वैज्ञानिक, ख्यात राजनेता, इंजीनियर-नौकरशाह, साहित्यकार, शिक्षा-शास्त्री जैसी हस्तियों ने शिक्षा प्राप्त कर कॉलेज का नाम केवल राज्य में ही नहीं, अपितु पूरे देश में गौरवान्वित किया है।

कुपोषण पर भाजपा सरकार बोली सफेद झूठ: रवि सक्सेना

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस के विधानसभा में दिये बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जब कांग्रेस विधायक श्री रामनिवास रावत के कुपोषण पर विधानसभा में पूछे गये प्रश्न के लिखित उत्तर में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तमसिंह ने स्वीकार किया था कि प्रदेश के 51 जिलों में जनवरी 2016 से मई 2016  तक शून्य से छहः वर्ष तक के 9167 बच्चों की कुपोषण से अकाल मृत्यु हुई है, तब महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस का बयान कि प्रदेश में विगत् तीन वर्षाें से कुपोषण से कोई मौत नहीं होना बताना, अत्यंत गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक एवं सफेद झूठ बयान है।

रवि सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में पिछले एक वर्ष में 2015-2016 तक भोपाल में 587, बड़वानी में 537, झाबुआ में 351, विदिशा में 341, बैतूल में 332, गुना मंे 260, जबलपुर में 276, सतना में 340, सीहोर में 238 तथा मुरैना में 228 बच्चों की कुपोषण से मौत होने की सरकार ने विधानसभा में लिखित में जानकारी दी है। विधानसभा में मंत्री अर्चना चिटनिस का असत्य बयान कि कुपोषण से प्रदेश मंे कोई मौत नहीं हुई जैसा बयान देकर क्या विधानसभा को गुमराह एवं अवमानना नहीं कर रही है। सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2015-2016 की नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश कुपोषण के प्रस्तुत आंकड़ों के आधार पर मध्यप्रदेश कुपोषण के मामले में देश में द्वितीय स्थान पर होना प्रदर्शित किया गया है और मंत्री जी केंद्र सरकार की इस रिपोर्ट को भी नकारने का शर्मनाक कारनामा करती हुई दृष्टिगत हो रही हैं।

सक्सेना ने मांग की है कि अब सरकार यह सुनिश्चित करे कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह ने विधानसभा को जो जानकारी उपलब्ध कराई है, वह असत्य है या महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री द्वारा कुपोषित बच्चों के बारे में विधानसभा में दिया गया गया बयान और दोनों में से विधानसभा को असस्त्य जानकारी देने वाले मंत्री का विशेषाधिकार हनन के मामले में कार्यवाही करें।

Previous
Next

© 2015 Rajkaaj News, All Rights Reserved || Developed by Workholics Info Corp

Total Visiter:6504094

Todays Visiter:5412