14-Dec-2017

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ये रहा स्वाइन फ्लू का रामबाण इलाज, जानिए, इस काढ़े को बनाने की रेसिपी

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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू एक बार फिर चिंता का सबब बन रहा है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं इसके उपचार के घरेलू नुस्‍खे, खुद आयुर्वेद विशेषज्ञों की मानें तो इसके लिए गिलोय और तुलसी का काढ़ा जानलेवा बीमारी का इलाज संभव है। 

प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे कई मौतें हो चुकी हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक का कहना है कि आयुर्वेद में स्वाइन फ्लू का कारगर उपचार हो सकता है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, ठंड लगना, कमजोरी, शरीर दर्द मांसपेशियों में दर्द, नाक से पानी बहना, छींक व डायरिया स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं।

स्वाइन फ्लू के लिए इंन्फ्लूएंजा वायरस को जिम्मेदार माना जाता है जो पिग के जरिये मानवों में फैलता है। कोई भी सामान्य जुकाम स्वाइन फ्लू हो सकता है, इसलिए कोई भी लक्षण दिखते ही आयुर्वेद का काढ़ा इस्तेमाल करने से रोग ठीक हो सकता है।

इसके लिए गिलोय, तुलसी, काली मिर्च व दालचीनी को समान मात्रा में लेकर उसका काढ़ा बनाकर दिन में दो बार इस्तेमाल करने से स्वाइन फ्लू ठीक हो जाता है। देसी कपूर पांच ग्राम व छोटी इलायची पांच ग्राम मिलाकर पीस लें और पोटली में बांध कर इसे बार-बार सूंघने से भी लाभ होगा।

गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. वीके अग्रवाल और आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. नीरज शर्मा का कहना है कि गिलोय तुलसी का काढ़ा स्वाइन फ्लू में रामबाण है। इसके प्रयोग से बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है।


साभार- अमर उजाला

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